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ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसार रहा 'सूखा नशा', बर्बाद हो रहा युवाओं का भविष्य

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ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसार रहा 'सूखा नशा', बर्बाद हो रहा युवाओं का भविष्य


भागलपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। जिले के शहरी इलाकों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे नशे (स्मैक, ड्रग्स और प्रतिबंधित कफ सिरप) का अवैध कारोबार तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इस जानलेवा लत की चपेट में सबसे ज्यादा युवा वर्ग और छात्र आ रहे हैं, जिससे न सिर्फ उनका भविष्य अंधकार में डूब रहा है, बल्कि स्थानीय परिवारों और समाज में भी चिंता और खौफ का माहौल है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सुदूर गांवों में नशे के सौदागर सक्रिय हैं, जो चोरी-छिपे युवाओं तक इसकी खेप पहुंचा रहे हैं। शुरुआत महज 'शौक' या दोस्तों के दबाव में होती है, जो धीरे-धीरे एक गंभीर और जानलेवा लत का रूप ले लेती है। नशे के इस जाल में फंसकर कई होनहार युवा अपनी पढ़ाई और रोजगार बीच में ही छोड़ चुके हैं। स्थिति यह है कि लत को पूरा करने के लिए युवा अपराध की राह भी पकड़ रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-मोटी चोरियों और आपसी विवादों की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा कनेक्शन इस नशे के कारोबार से जोड़ा जा रहा है। नशे की यह बढ़ती समस्या केवल लत लगाने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं है। इसका सीधा और दर्दनाक असर पूरे परिवार के आर्थिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। कई माता-पिता अपने बच्चों की इस हालत को देखकर बेबस हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि अगर समय रहते इस नेटवर्क को नहीं तोड़ा गया, तो आने वाली पूरी पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी।प्रशासन और समाज को मिलकर उठानी होगी। जिम्मेदारी स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, मद्यनिषेध विभाग और स्थानीय पुलिस से ग्रामीण इलाकों में विशेष छापेमारी अभियान चलाने और नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, समाज के बुद्धिजीवियों का मानना है कि केवल पुलिसिया कार्रवाई से इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा और अपने बच्चों की बदलती आदतों व संगति पर नजर रखनी होगी। गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए सामूहिक प्रयास की सख्त जरूरत है।

वहीं जिले के ग्रामीण इलाकों में पैर पसार रहे सूखे नशे के अवैध कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए भागलपुर पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में “स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर” विशेष महाअभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस की टीमें सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में गुप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी कर बड़ी खेप पकड़ रही हैं। हाल ही में भागलपुर पुलिस को नशे के नेटवर्क पर चोट करने में कई बड़ी सफलताएं मिली हैं। नवगछिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सायम रजा के नेतृत्व में पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 546 ग्राम स्मैक (अनुमानित कीमत ₹70 लाख) के साथ शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में नशीली दवाएं, कफ सिरप और डिजिटल वेट मशीन भी बरामद की गई है। वहीं सुल्तानगंज और मधुसूदनपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में स्मैक के साथ कई अभियुक्तों को दबोचा है। इसके अलावा सजौर और कहलगांव जैसे ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस ने हथियार और स्मैक के साथ तस्करों को जेल भेजा है। नशे की इस गंभीर समस्या पर पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब चुनौती सिर्फ छोटे स्तर पर पुड़िया (पैकेट) बेचने वालों को पकड़ने की नहीं है, बल्कि इस पूरे रैकेट के पीछे छिपे मुख्य सप्लायर, फाइनेंसर और अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग और खुफिया इनपुट को मजबूत किया गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशे के कारोबार की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर