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फारबिसगंज के सैयद आशिक हुसैन उर्फ टिंका की दोहा में बीमारी से मौत,परिवार में शोक

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फारबिसगंज के सैयद आशिक हुसैन उर्फ टिंका की दोहा में बीमारी से मौत,परिवार में शोक


अररिया, 12 मार्च(हि.स.)। फारबिसगंज के आलम टोला निवासी 40 वर्षीय सैय्यद आशिक हुसैन उर्फ टिंका की कतर के दोहा में तीन दिन पहले बीमारी से मौत हो गई।मौत की सूचना पाने के बाद आलम टोला स्थित उनके घर पर मातमी सन्नाटा पसर गया और इलाके में शोक है। सैय्यद आशिक हुसैन उर्फ टिंका जदयू के वरिष्ठ नेता और फारबिसगंज नगर परिषद के पार्षद सैय्यद मीर अली उर्फ गुड्डू अली के छोटे भाई है।खबर से इलाके में शोक पसर गया है।सैय्यद आशिक हुसैन उर्फ टिंका का शव आज कतर के दोहा से नई दिल्ली लाया गया,जहां से उनके शव को फारबिसगंज लाया जाएगा।

मृतक के भाई सैय्यद मीर अली उर्फ गुड्डू अली ने गुरुवार काे बताया कि सैय्यद आशिक हुसैन उर्फ टिंका चार भाइयों में सबसे छोटा था और पांच सालों से वह कतर के दोहा में कतर ट्रांसपोर्ट नामक कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर काम करता था। तीन साल से वह घर नहीं आया था और ईद के बाद वह घर आने वाला था।उनके साथ उनके कई नजदीकी रिश्तेदार भी दोहा में है,जिन्होंने टिंका के बीमारी से मौत हो जाने की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि उनकी शादी भागलपुर में 2011 में हुई थी और चार साल का एक बेटा भी है।वह पिछले एक साल से बीमार चल रहा था और कतर के दोहा में ही उनका इलाज किया जा रहा था।तबियत खराब होने के कारण तीन दिन पहले उनकी मौत हो गई।इससे पहले वह तीन साल पहले दोहा से घर आया था और ईद के बाद घर आने की बात कहा था।

आशिक हुसैन उर्फ टिंका के रिश्तेदार जो कतर में रहते हैं, उन्हीं के माध्यम से परिवार को इस दुखद घटना की सूचना मिली।

सैयद आशिक हुसैन अपने स्वभाव और व्यवहार कुशलता के कारण इलाके में काफी लोकप्रिय था। परिवार के सदस्य जानकारी मिलने के बाद गहरे सदमे में हैं।

मृतक के भाई सैय्यद मीर अली ने बताया कि गुरुवार को दोहा से दिल्ली शव लाया जाएगा। शुक्रवार को दिल्ली से दरभंगा एयरपोर्ट पर शव पहुंचेगा और फिर वहां से उसे फारबिसगंज लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर