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आवासीय परियोजना विवाद में केवटी विधायक और बिल्डर आमने-सामने

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दरभंगा, 29 मार्च (हि.स.)। केवटी के विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा और एबी सिग्नेचर रेजिडेंसी परियोजना से जुड़े बिल्डर के बीच भूमि पर आवासीय परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में दोनों पक्षों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने कहा कि बिल्डर के प्रतिनिधि सुमंत चौधरी उर्फ बिट्टू से उन्होंने अपने हिस्से के फ्लैटों की चाबियां मांगी थीं। चाबी नहीं मिलने पर नाराजगी जताना उनका अधिकार था, इसे आपराधिक धमकी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल ऑडियो में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया गया है और वे केवल अपने केयरटेकर को चाबी देने की बात कर रहे थे। साथ ही, उनके नाम से प्रसारित कुछ बयानों को उन्होंने मनगढ़ंत और असत्य बताया।

विधायक ने कहा कि उनकी पत्नी राम सती कुमारी दरभंगा स्थित उस भूमि की वैध स्वामिनी हैं, जिस पर एबीएम एवीएम स्मार्ट होम्स एलएलपी के साथ संयुक्त विकास समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार उनके पक्ष को 35 आवासीय इकाइयां और पार्किंग मिलनी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रेरा के अनुसार मार्च 2024 तक पूरी होने वाली परियोजना अब तक अधूरी है। गेट, चारदीवारी सहित कई कार्य लंबित हैं और बार-बार अनुरोध के बावजूद फ्लैटों की चाबियां नहीं दी गईं। इस संबंध में नगर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।

वहीं, एबी सिग्नेचर रेजिडेंसी के डायरेक्टर अमित मिश्रा ने विधायक के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वर्ष 2020 से वे लगातार दबाव और शोषण का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई 2021 में भूमि मालिक के साथ विधिवत एग्रीमेंट हुआ था और सभी निर्माण अनुमति भूमि मालिक द्वारा ही प्राप्त की गई थी। उन्होंने विधायक पर राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग कर झूठे आरोप लगाने और उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया।

दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप से मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra