home page

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने 10वीं दीदी की रसोई का किया शुभारंभ

 | 
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने 10वीं दीदी की रसोई का किया शुभारंभ


उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने 10वीं दीदी की रसोई का किया शुभारंभ


समस्तीपुर, 06 जून (हि.स.)।

जिले के सरायरंजन प्रखंड स्थित श्री राम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल परिसर में आज बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा जीविका की दीदी की रसोई का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर दीदी की रसोई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों का अवलोकन किया तथा उनका स्वाद भी ग्रहण किया।

उन्होंने जीविका दीदियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दीदी की रसोई के माध्यम से अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को घर जैसा शुद्ध, स्वादिष्ट, पौष्टिक एवं किफायती भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वाद, विश्वास और सेवा का प्रतीक बन चुकी है।

बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2018 से राज्य के विभिन्न जिलों में जीविका के माध्यम से दीदी की रसोई का सफल संचालन किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना तथा सामाजिक रूप से सशक्त करना है।

समस्तीपुर जिले में पूर्व से संचालित 9 जीविका दीदी की रसोई इकाइयों के अतिरिक्त अब श्री राम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल परिसर में 10वीं दीदी की रसोई का शुभारंभ किया गया है। राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पताल परिसरों में पहले से जीविका दीदी की रसोई का सफल संचालन किया जा रहा है। इस नई इकाई के माध्यम से भी सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप मरीजों एवं उनके परिजनों को गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक एवं किफायती भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

दीदी की रसोई महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। इसके माध्यम से महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है, वहीं कच्चे माल की आपूर्ति से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के लिए भी अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। इस पहल ने महिलाओं को नई पहचान प्रदान की है, उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा दी है।

इस पहल को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मई 2025 में अन्नपूर्णा जीविका खाद्य उत्पाद उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया। यह संस्था बिहार में संचालित तथा भविष्य में स्थापित होने वाली सभी दीदी की रसोई इकाइयों के पेशेवर प्रबंधन, संचालन एवं विस्तार हेतु शीर्ष निकाय के रूप में कार्य कर रही है।

दीदी की रसोई केवल एक रसोईघर नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण का एक सशक्त आंदोलन है, जो उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ समाज में उनकी सहभागिता और नेतृत्व क्षमता को भी सशक्त कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / त्रिलोकनाथ उपाध्याय