गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत डीएम को सौंपा गया 8 सूत्री मांग पत्र
सुपौल, 27 जुलाई (हि.स.)। गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत सोमवार को गौ संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं गौ प्रेमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को 8 सूत्री मांग पत्र सौंप कर गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मांगपत्र के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार का ध्यान गौवंश से जुड़े विभिन्न मुद्दों की ओर आकर्षित किया। मांग पत्र में प्रमुख रूप से गौ संरक्षण के लिए एकीकृत केंद्रीय कानून और स्वतंत्र केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय के गठन की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-48 के तहत गौ संरक्षण राज्य का विषय है, लेकिन देशभर में प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को केंद्रीय गौवंश संरक्षण अधिनियम लागू करना चाहिए। साथ ही सभी गौवधशालाओं के लाइसेंस निरस्त कर अवैध कसाई खानों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की गई। इसके अलावा देशी गौवंश को राष्ट्रमाता अथवा राष्ट्र आराध्या के रूप में संवैधानिक मान्यता देने, गौ तस्करी एवं गौवध को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध घोषित कर दोषियों के लिए आजीवन कारावास एवं संपत्ति कुर्की जैसे कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू करने का आग्रह किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने गौ आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, पंचगव्य अनुसंधान को प्रोत्साहित करने, प्राकृतिक खेती के लिए जैविक उत्पादों की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला एवं प्रत्येक जिले में आदर्श गौ अभ्यारण और वृहद गौशाला की स्थापना की भी मांग रखी। मांग पत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्धारित दूरी पर गौ एम्बुलेंस एवं आधुनिक गौ ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था, स्कूली पाठ्यक्रम में गौ-विज्ञान को शामिल करने तथा चारा सुरक्षा कानून बनाकर गौचर भूमि के संरक्षण और चारे की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में गौ संरक्षण अभियान के जिला प्रभारी नलिन जायसवाल, संभाग प्रभारी संतोष कुमार सुधांशु, अशोक सम्राट, श्रवण चौधरी, चंद्रशेखर झा, रमन शरण दास, रूबी जायसवाल, मोहन जायसवाल, राधेश्याम साहू, नंदिनी कुमारी, मुन्नी देवी, पिंकी देवी, मंजूषा कुमारी सहित बड़ी संख्या में गौ प्रेमी एवं अभियान से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित सरकारों तक इन्हें भेजा जाएगा, ताकि गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

