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एडीजे चतुर्थ कोर्ट ने एनडीपीएस मामले में दोषी को सुनाया बारह साल की सजा

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एडीजे चतुर्थ कोर्ट ने एनडीपीएस मामले में दोषी को सुनाया बारह साल की सजा


अररिया 28 फरवरी(हि.स.)।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ अररिया रवि कुमार की न्यायालय ने शनिवार को एनडीपीएस के एक मामले में दोषी को बारह वर्ष तक की सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई । साथ ही जुर्माने की रकम नहीं अदा करने पर एक वर्ष तक की अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी आदेश अपने निर्णय में दिया।न्यायालय का यह फैसला एनडीपीएस वाद संख्या 111/2024 में सुनाया गया।मामला अररिया आरएस थाना कांड संख्या 01/2024 से संबंधित है और इस वाद के सूचक आरएस थाना के थानाध्यक्ष राकेश कुमार हैं ।

सजा पाने वाला दोषी हरियावाड़ा वार्ड संख्या 7 का रहने वाला मो. अहसान पिता स्व. हफाज है।सजायाफ्ता आरोपी की ओर से संतोष कुमार सुमन और प्रकाश कुमार झा ने बचाव पक्ष की ओर से सुनवाई की ।वही मामले के एक अन्य आरोपी 34 वर्षीय मो. शकील पिता मो.रफीक को न्यायालय ने साक्ष्य के आभाव में रिहा किया।मो. शकील की ओर से सरकार के ओर से प्रतिनियुक्त एलएडीसी के चीफ विनय कुमार ठाकुर ने कोर्ट में जिरह की।कांड के अन्य आरोपियों में मो. मंजर और मो. आबिद के विरुद्ध पुलिस ने अनुसंधान लंबित रखा है ।

घटना 2 मार्च 2024 की है। दोषी करार मो. अहसान के घर से गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर सौ बोतल वाली 10 कार्टून प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सीरप बरामद की थी।इसके अलावा उसी स्थान पर ऑटो संख्या बीआर11जेबी 0772 से छह कार्टून कोडीन युक्त विस्कोडिन कफ सिरप बरामद किया था, जिसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजा गया और उसकी पुष्टि हुई थी।

सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक एनडीपीएस अशोक कुमार मिश्रा ने दोषी करार के विरुद्ध अधिकतम सजा सुनाई जाने की मांग की, वहीं आरोपी की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कम से कम सजा सुनाई जाने की गुहार लगाई।दोनों ही पक्षो को सुनने के बाद न्यायालय ने दोषी की सजा मुकर्रर किया ।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर