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डीएमसीएच की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने को आयुक्त व डीएम का औचक निरीक्षण

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डीएमसीएच की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने को आयुक्त व डीएम का औचक निरीक्षण


दरभंगा, 16 मई (हि.स.)।

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में शनिवार को आयुक्त दरभंगा प्रमंडल हिमांशु कुमार राय एवं जिलाधिकारी कौशल कुमार ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सीय व्यवस्था एवं संसाधनों की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। आयुक्त ने डीएमसीएच की भूमि संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने, अस्पताल परिसर की सुरक्षा के लिए चाहरदीवारी निर्माण कराने तथा ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध बेड, इमरजेंसी, इनडोर-आउटडोर सेवाओं, साफ-सफाई, पेयजल एवं भोजन व्यवस्था की जानकारी लेते हुए उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर बल दिया।

बैठक में अधीक्षक ने बताया कि राशन कार्डधारी मरीजों को आवश्यकता अनुसार सीटी स्कैन निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है, जबकि अन्य मरीजों से मात्र 2200 रुपये शुल्क लिया जाता है। आयुक्त ने चिकित्सकों से समय पर उपस्थित रहकर स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का पालन करने तथा मरीजों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा, ताकि रेफर की आवश्यकता कम पड़े। उन्होंने एक वर्ष में रेफर किए गए मरीजों की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि डीएमसीएच परिसर में 1700 बेड के नए अस्पताल का निर्माण 1742 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। वर्तमान में अस्पताल में प्रतिदिन लगभग पांच हजार मरीजों का इलाज होता है तथा 900 बेड उपलब्ध हैं। बेडशीट धुलाई पटना में होने की जानकारी पर आयुक्त ने प्रतिदिन साफ एवं व्यवस्थित बेड लगाने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बेडशीट की नियमित सफाई एवं बदलाव को लेकर मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए प्रतिदिन बेडशीट बदलने एवं वार्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने भी अस्पताल परिसर एवं वार्डों में नियमित सफाई तथा प्रत्येक 15 दिन पर रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित करने को अनिवार्य बताया।

ऑक्सीजन पाइपलाइन व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि सर्जिकल भवन में दो ऑक्सीजन पाइपलाइन संचालित हैं, जबकि अस्पताल में कुल सात लिफ्ट में छह कार्यरत हैं। वेंटिलेटर की संख्या वर्तमान में आठ बताई गई। दवा उपलब्धता की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि 612 प्रकार की दवाओं में से 308 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इस पर आयुक्त ने सभी आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की नौबत नहीं आनी चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सकों ने एनेस्थीसिया एवं रेडियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों की कमी तथा नए उपकरणों की आवश्यकता से भी अवगत कराया। वहीं इमरजेंसी विभाग में सीटी स्कैन मशीन की जरूरत पर भी चर्चा हुई। ट्रॉमा सेंटर में वर्तमान में आठ बेड उपलब्ध होने की जानकारी दी गई।

आयुक्त ने अस्पताल परिसर एवं वार्डों में पर्याप्त साइनेज लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही दवाओं के सुरक्षित रखरखाव, पारदर्शी वितरण व्यवस्था एवं शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में डॉ. उमेश चंद्र झा, डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. जगदीश चंद्रा, डॉ. सच्चिदानंद सिंह, डॉ. सरोज कुमार, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. संजय कुमार झा, डॉ. हरी दामोदर सिंह, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. अमित कुमार झा सहित कई अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra