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प्रशासन के दावों की खुली पोल, गंदगी के बीच गंगाजल भरने को मजबूर हुए शिवभक्त

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प्रशासन के दावों की खुली पोल, गंदगी के बीच गंगाजल भरने को मजबूर हुए शिवभक्त


भागलपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा बासुकीनाथ को जल अर्पित करने के लिए रविवार को बड़ी संख्या में कांवरिया भागलपुर के खंजरपुर सीढ़ी घाट पहुंचे।

कांवरियों ने पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और उत्तरवाहिनी गंगाजल लेकर बाबा बासुकीनाथ धाम के लिए रवाना हुए। हालांकि, इस पावन अवसर पर खंजरपुर सीढ़ी घाट पर फैली प्रशासनिक अव्यवस्था और गंदगी ने श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई। खंजरपुर सीढ़ी घाट पर गंदगी का बेहद खराब नजारा देखने को मिला।

घाट के आसपास और मुख्य रास्तों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए थे। दूर-दूर से आए शिव भक्तों को इसी गंदगी और बदबू के बीच खड़े होकर गंगाजल भरना पड़ा। हद तो तब हो गई जब कई कांवरिया मजबूरी में इसी कूड़े के ढेर के पास ही अपना जलपात्र रखकर पूजा-अर्चना और संकल्प करते नजर आए।

घाट पर मौजूद कांवरियों ने नगर निगम की कार्यशैली पर गहरा आक्रोश जताया। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल सावन के दौरान घाट की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता था, लेकिन इस बार सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सावन शुरू होने से पहले भागलपुर नगर निगम की ओर से सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे।

खंजरपुर घाट की वर्तमान बदहाली नगर निगम के उन तमाम दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। शिवभक्तों ने प्रशासन से मांग की है कि सावन की शेष अवधियों को देखते हुए तुरंत घाटों पर मुस्तैदी बढ़ाई जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर