home page

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने, होमवर्क करने और पढ़ाई में निरंतर मेहनत करने की सलाह दी

 | 
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने, होमवर्क करने और पढ़ाई में निरंतर मेहनत करने की सलाह दी


मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने, होमवर्क करने और पढ़ाई में निरंतर मेहनत करने की सलाह दी


मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने, होमवर्क करने और पढ़ाई में निरंतर मेहनत करने की सलाह दी


पटना, 26 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक, बाटागंज, दानापुर में निपुण पथ पढ़ना, लिखना एवं गणना की थीम पर आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम)-2026 में शामिल हुये। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों से संवाद कर विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, पठन-पाठन की व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं परीक्षा परिणाम की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना, शिक्षकों की उपलब्धता एवं विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा विद्यालयों में आवश्यकतानुसार सुविधाओं का विस्तार करना है। अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को समझने में मदद मिलेगी और यह भी पता चलेगा कि किन विषयों में विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरे सपनों का भारत-सेवा चित्र' अभियान के अंतर्गत आयोजित राज्यव्यापी सेवा चित्र प्रतियोगिता का अवलोकन किया। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनके द्वारा बनाए गए 'विकसित भारत-2047', सोलर एनर्जी, मेट्रो ट्रेन, रोबोट एवं 'सपनों का भारत' आदि विषयों पर आधारित चित्रों के संबंध में जानकारी ली तथा बच्चों की कल्पनाशीलता की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और नियमित रूप से विद्यालय आएं, ताकि पाठ्यक्रम को बेहतर ढंग से समझ सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सातवीं और आठवीं कक्षा से ही विद्यार्थियों के करियर की मजबूत नींव तैयार होती है। पढ़ाई के इन वर्षों में की गई मेहनत आगे के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग नहीं करने तथा आवश्यकता के अनुसार उसका सदुपयोग पढ़ाई के लिए करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से होमवर्क करें, पाठ्यक्रम का अभ्यास करते रहें और यथासंभव विद्यालय में ही पढ़ाई को अच्छी तरह समझें। विशेष परिस्थिति में ही कोचिंग का सहारा लेने की आवश्यकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था या सुविधाओं में सुधार के संबंध में यदि कोई सुझाव हो तो अभिभावक उसे अवश्य साझा करें। उनके सुझावों से न केवल संबंधित विद्यालय बल्कि पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव के संबंध में भी अभिभावकों से सुझाव देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि अगले वर्ष से सभी सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसके लिए दो-तीन स्कूलों पर एक इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि विद्यार्थियों को कंप्यूटर की शिक्षा नियमित रूप से मिल सके। बिहार में लगभग 700 स्थानों पर मॉडल स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षकों एवं लाइव क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर ढंग से तैयार हो सकें। विद्यालयों का संचालन प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए और शैक्षणिक व्यवस्था एवं सुविधाओं को इस स्तर का बनाया जाए कि विद्यालय अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकें।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन एवं छात्र-छात्राओं द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा उनके अभिभावकों को 'पेरेंट्स ऑफ द मंथ के लिए सम्मानित किया। विद्यालय द्वारा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पढ़िये, समझिये, करीये, सीखिये) पर आधारित लगायी गयी प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कक्षा 7वीं के परीक्षा परिणाम लेने पहुंचे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से भी संवाद किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त