स्कूल के समय कंचे खेलते मिले दर्जनों बच्चे, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दरभंगा, 08 अक्टूबर (हि.स.)। दरभंगा जिला अंतर्गत तारडीह प्रखंड में सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर हर वर्ष बड़ी राशि खर्च कर रही है, लेकिन मछैता गांव में गुरुवार करीब 1 बजे सामने आया दृश्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करता है। सलहेस बाबा मंदिर के आसपास, जहां से कुछ दूरी पर विद्यालय संचालित हैं और बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था है, वहां दर्जनों बच्चे स्कूल के समय कंचे खेलते और निशाना लगाते नजर आए।
मछैता गांव में सरकारी प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध होने का सरकारी आंकड़ों पर आधारित विवरण है। इसके बावजूद विद्यालय समय में बच्चों का स्कूल से बाहर खेलते मिलना यह सवाल खड़ा करता है कि ये बच्चे विद्यालय क्यों नहीं पहुंच रहे हैं और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
बिहार सरकार के 2026-27 बजट में शिक्षा विभाग के लिए कुल ₹60,204.61 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ऐसे में सवाल केवल बच्चों के स्कूल नहीं पहुंचने का नहीं, बल्कि शिक्षा पर खर्च हो रहे संसाधनों के जमीनी परिणाम का भी है। क्या विद्यालय स्तर पर नियमित उपस्थिति की निगरानी हो रही है? क्या अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर्याप्त है? और क्या संबंधित विभाग बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए प्रभावी पहल कर रहा है?
मौके का यह दृश्य किसी एक बच्चे या परिवार को कठघरे में खड़ा करने के बजाय उस पूरी व्यवस्था के लिए आत्ममंथन का विषय है, जिसका लक्ष्य हर बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाना है। जिले में 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए नामांकन अभियान भी चलाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

