बाल अधिकारों के संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध, आयोग अध्यक्ष ने सुपौल के चार बाल देखरेख संस्थानों का किया निरीक्षण
सुपौल, 02 अगस्त (हि.स.)। बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ अमरदीप ने रविवार को जिले के भ्रमण के दौरान समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए आवश्यक सुझाव भी दिए।
भ्रमण की शुरुआत जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल से हुई, जहां सहायक निदेशक ने बाल अधिकार पुस्तिका एवं बाल अधिकार संरक्षण से संबंधित प्रमुख कानूनों की पुस्तक भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद आयोग अध्यक्ष ने जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की तथा बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
इसके बाद उन्होंने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान और चाइल्ड हेल्पलाइन का निरीक्षण किया। चाइल्ड हेल्पलाइन में पिछले एक वर्ष के दौरान प्राप्त मामलों और उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन्होंने कर्मियों को बच्चों के हित में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं दत्तक ग्रहण से जुड़े मामलों के समयबद्ध निष्पादन पर भी संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के क्रम में आयोग अध्यक्ष चैनसिंहपट्टी स्थित वृहद आश्रय गृह पहुंचे, जहां संचालित दोनों बाल गृहों का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई, रहन-सहन और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों द्वारा हरित पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया गया, जबकि कुछ बच्चों ने अपनी गायन प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया। आयोग अध्यक्ष ने संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए इन्हें निरंतर बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
इसके बाद उन्होंने सुखपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह का भी दौरा किया। यहां आवासित बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने, शिक्षा से जुड़ने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष ने सहायक निदेशक के साथ जिले में संचालित चारों बाल देखरेख संस्थानों को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी तथा आवश्यकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

