बिहार में खेल का एक नया वातावरण तैयार हो रहा है और हमारे स्कूली बच्चे इसके महत्वपूर्ण भागीदार होंगे: श्रेयसी सिंह
पटना, 03 सितंबर (हि.स.)। बिहार सरकार के खेल विभाग की पहल पर मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के अंतर्गत कक्षा 06 से 12 तक के चयनित छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में राज्य के प्रमुख खेल परिसरों एवं स्टेडियमों को शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बिहार में विकसित हो रहे आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण सुविधाओं एवं खेल गतिविधियों से परिचित कराना तथा उनमें खेलों के प्रति रुचि एवं जागरूकता को बढ़ावा देना है।
इस क्रम में विद्यार्थियों को पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पटना, राज्य खेल एकेडमी, राजगीर तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, राजगीर का भ्रमण कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को राज्य में खेल क्षेत्र में हो रहे विकास को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में खेलों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना में प्रमुख खेल परिसरों को शामिल किया जाना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने गुरुवार काे पत्रकाराें से बातचीत में कहा कि हम चाहते हैं कि बिहार के बच्चे केवल किताबों के माध्यम से ही नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से भी राज्य में विकसित हो रही आधुनिक खेल सुविधाओं को देखें और समझें। मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना में प्रमुख खेल परिसरों को शामिल करना हमारे युवाओं को खेलों से जोड़ने और उनमें खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बिहार में खेल का एक नया वातावरण तैयार हो रहा है और हमारे स्कूली बच्चे इसके महत्वपूर्ण भागीदार होंगे।
खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद ने कहा कि विद्यार्थियों को पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा राजगीर स्थित राज्य खेल एकेडमी एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसी सुविधाओं का भ्रमण कराने से उन्हें राज्य के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण व्यवस्था को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। हमारा प्रयास है कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में खेल के प्रति जिज्ञासा, आत्मविश्वास और भविष्य में खेल को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित करेगी।
यह पहल विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने, खेल प्रतिभाओं को पहचानने एवं बिहार में सुदृढ़ हो रही खेल संस्कृति को विद्यालय स्तर तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

