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छठ पर्व पर गहरे पानी वाले घाटों पर जाने से बचें श्रद्धालु, निजी नावों के परिचालन पर डीएम ने लगाया पूर्ण प्रतिबंध

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कटिहार, 02 नवंबर (हि.स.)। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया है कि अधिक गहराई वाले नदियों व तालाबों में श्रद्धालुओं को जाने से रोका जाए और दुर्घटना की रोकथाम के लिए छठ के दौरान निजी नावों के परिचालन पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जाए।

गहरे पानी वाले असुरक्षित घाटों पर सतर्कता

दीपावली के बाद 09 नवंबर से ही श्रद्धालुओं का गंगा व अन्य नदियों में स्नान हेतु जुटना शुरू हो जाएगा। इसके बाद 15 नवंबर को सायंकालीन अर्घ्य तथा 16 नवंबर को प्रातःकालीन अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। जिले के कई पारंपरिक घाटों और नदियों में जलस्तर काफी अधिक है और किनारे सुरक्षित नहीं हैं, जिससे डूबने या अन्य दुर्घटनाओं की प्रबल आशंका बनी रहती है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे असुरक्षित और गहरे घाटों को चिह्नित कर लोगों को वहां जाने से मना किया जाए। इन संवेदनशील घाटों पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित करने और पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) के जरिए लगातार उद्घोषणा कर श्रद्धालुओं को जागरूक करने का आदेश दिया गया है।

निजी नावों के परिचालन पर सख्त पाबंदी

अक्सर देखा जाता है कि छठ पर्व के दौरान युवा वर्ग निजी नावों से नदी में भ्रमण करते हैं। क्षमता से अधिक लोगों के बैठने के कारण नाव पलटने का गंभीर खतरा बना रहता है। इस संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नहाय-खाय से लेकर 16 नवंबर को सुबह के अर्घ्य संपन्न होने तक निजी नौकाओं के परिचालन पर पूर्ण रोक लगा दी है। डीएम ने सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि घाटों पर गृह रक्षक (होमगार्ड), चौकीदार और दफादारों की प्रतिनियुक्ति कर इस प्रतिबंध की सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह