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हल्की बारिश में खुली छपरा नगर निगम की पोल, घुटने भर पानी से जनजीवन बेहाल

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हल्की बारिश में खुली छपरा नगर निगम की पोल, घुटने भर पानी से जनजीवन बेहाल


हल्की बारिश में खुली छपरा नगर निगम की पोल, घुटने भर पानी से जनजीवन बेहाल


हल्की बारिश में खुली छपरा नगर निगम की पोल, घुटने भर पानी से जनजीवन बेहाल


हल्की बारिश में खुली छपरा नगर निगम की पोल, घुटने भर पानी से जनजीवन बेहाल


हल्की बारिश में खुली छपरा नगर निगम की पोल, घुटने भर पानी से जनजीवन बेहाल


सारण, 13 अगस्त (हि.स.)। छपरा शहर में मौसम का मिज़ाज बदलते ही हुई हल्की बारिश ने जहाँ लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई, वहीं नगर निगम की बदहाल व्यवस्था ने इस राहत को आफत में बदल दिया। महज़ 10 मिनट की बारिश ने नालों की सफाई और मानसून की तैयारियों के निगम प्रशासन के बड़े-बड़े दावों की हवा निकाल दी।

शहर की हृदय स्थली कहे जाने वाले नगर पालिका चौक के दोनों लेनों में घुटने तक पानी भर गया, जिससे आस-पास की दुकानों में भी जलभराव हो गया। मुख्य सड़कों से लेकर रिहाइशी इलाकों तक जलजमाव के कारण पैदल चलना दूभर हो गया है और बीच सड़क पर गाड़ियाँ बंद पड़ रही हैं।

नगर पालिका चौक के दुकानदार दिग्विजय सिंह ने रोष जताते हुए कहा कि शहर का कोई भी मोहल्ला जलजमाव से अछूता नहीं है। निगम की हाईटेक व्यवस्था के कारण नगर पालिका चौक स्विमिंग पूल में तब्दील हो जाता है, जिससे दुकानदारों को हर साल लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है।

वहीं वार्ड संख्या 44 के निवासी व व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता जितेंद्र कुमार ने निगम पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इंद्रदेव ने 10 मिनट की बारिश से कागज़ी तैयारियों का सच सामने ला दिया है। निगम प्रशासन भारी ब्याज के साथ टैक्स वसूलता है, लेकिन बुनियादी नागरिक सुविधाएँ देने में शून्य साबित हो रहा है। अक्सर ज़िलाधिकारी को खुद हस्तक्षेप करना पड़ता है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द पुख्ता जल निकासी व्यवस्था की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार