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सिकंदरपुर में चैती भद्रकाली पूजा पर घमासान

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सिकंदरपुर में चैती भद्रकाली पूजा पर घमासान


भागलपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। जिले के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर में चैती भद्रकाली महारानी की सदियों पुरानी पारंपरिक पूजा को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले ने न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाई है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वर्षों से जिस स्थान पर पुश्तैनी परंपरा के अनुसार मां भद्रकाली की पूजा-अर्चना की जा रही थी, वहां अब जबरन रोक लगाने का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। सिकंदरपुर निवासी चंदन सिन्हा ने इस पूरे मामले को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

आवेदन में चंदन सिन्हा ने सीधा आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्व भू-माफियाओं के साथ मिलकर उनकी पुश्तैनी पूजा को जबरन रुकवाने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत में अमित कुमार, सुमित कुमार और आनंद शंकर नामक व्यक्तियों को नामजद करते हुए कहा गया है कि इन लोगों द्वारा न सिर्फ पूजा करने से मना किया जा रहा है, बल्कि पूजा जारी रखने पर झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की खुलेआम धमकी दी जा रही है।

इस घटना के बाद से ही स्थानीय श्रद्धालुओं और आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय मोजाहिदपुर थाने की भूमिका को लेकर उठ रहा है। शिकायतकर्ता चंदन सिन्हा का दावा है कि पहले थाना स्तर से विधि-विधान पूर्वक पूजा संपन्न कराने की अनुमति दे दी गई थी। लेकिन, कुछ ही समय बाद रहस्यमयी परिस्थितियों में कथित तौर पर उसी थाने द्वारा पूजा करने पर रोक लगा दी गई। आखिर कुछ ही घंटों में पुलिसिया आदेश का रुख अचानक क्यों बदल गया? इसी सवाल को लेकर स्थानीय लोगों में भारी असमंजस और गुस्सा है। मोहल्ले के नागरिकों का कहना है कि यह मामला केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक परंपरा और जन-आस्था से जुड़ा है। यदि उक्त भूखंड को लेकर कोई कानूनी या भूमि संबंधी विवाद है भी, तो उसका समाधान प्रशासनिक और कानूनी दायरे में होना चाहिए, न कि भू-माफियाओं के दबाव या धमकियों के जरिए।

फिलहाल, चैती भद्रकाली महारानी की पूजा को लेकर उपजे इस विवाद ने सिकंदरपुर का माहौल पूरी तरह गरमा दिया है। अब देखना यह है कि अनुमंडल प्रशासन इस लिखित शिकायत पर क्या संज्ञान लेता है, पुलिस के रुख में आए बदलाव की क्या वजह सामने आती है और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए इस संवेदनशील मामले का क्या समाधान निकाला जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर