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दशहरा को लेकर पशु हाट की बढ़ी चहल-पहल,बलि के लिए बकरा की खरीददारी के लिए उमड़ रही भीड़

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दशहरा को लेकर पशु हाट की बढ़ी चहल-पहल,बलि के लिए बकरा की खरीददारी के लिए उमड़ रही भीड़


अररिया 17 अक्टूबर(हि.स.)। दुर्गा पूजा को लेकर जिले के पशु हाट में बकरा की खरीददारी के लिए खरीददारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। अररिया के बाजार समिति गेट,सिमराहा,बथनाहा ,फारबिसगंज,नरपतगंज में लगने वाले मवेशी हाट में बकरा की खरीददारी के लिए खरीददारों की शनिवार को भारी भीड़ उमड़ी रही। पूजा को लेकर छागर और खस्सी की खरीददारी तेज रही।

शारदीय नवरात्र में महानवमी के दिन मांगे गए मन्नतों के पूरा होने पर बड़ी संख्या में बकरों की बलि शक्ति की देवी मां दुर्गा के सामने दी जाने की परम्परा काफी वर्षों से चली आ रही है।सैकड़ों की संख्या में महानवमी के दिन बकरे की बलि दी जाती है।खस्सी में हीरा, करिया और गगनी प्रजाति की मांग अधिक है और यह खरीददारों की पहली पसंद बना हुआ है। अधिक मांग के कारण कीमत भी अच्छी मिल रही है।

ग्रामीण इलाकों के साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार पशुओं की खरीददारी करने पहुंच रहे हैं।धार्मिक आस्था और परंपरा के कारण इस समय छागर की मांग बढ़ती है। सुबह से ही बाजार में खरीद-बिक्री का सिलसिला जारी है। खरीदार पशुओं का आकार, बनावट और कीमत देखकर मोलभाव कर रहे हैं। वहीं, पशु विक्रेताओं को भी पूजा के मौके पर बेहतर कारोबार की उम्मीद है।प्रति खस्सी 10 हजार से 25 हजार रुपये तक बिक रही है। वहीं, छोटे आकार के खस्सी 3 हजार से 10 हजार रुपये तक में उपलब्ध हैं। खरीददार अपनी जरूरत और बजट के अनुसार पशुओं का चयन कर रहे हैं।

बाजार में सुबह से शाम तक जुट रही भीड़

पूजा के नजदीक आने के साथ पशु बाजार में खरीदारी और बढ़ने की संभावना है। त्योहार के दौरान धार्मिक परंपराओं का पालन करने के लिए लोग पहले से ही पशुओं की खरीददारी कर रहे हैं। इससे बाजार में चहल-पहल बनी हुई है। दुर्गा पूजा के दौरान छागर की खरीदारी के पीछे धार्मिक आस्था भी प्रमुख वजह है। मान्यता है कि मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु अष्टमी और नवमी के दिन पशु की बलि से मां प्रसन्न होती है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर