छात्रावास से ही सुनी जाएगी विद्यार्थियों की बात
पटना, 22 अगस्त (हि.स.)। बिहार में
छात्रावास में पढ़ाई से जुड़ी परेशानी, रहने की व्यवस्था से संबंधित समस्या या शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का कोई सुझाव अब विद्यार्थियों को अपनी बात रखने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
राज्य सरकार ने ‘सबका सम्मान, जीवन आसान निश्चय’ के तहत विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसी कड़ी में 25 अगस्त को राज्य के सभी 144 डॉ. अम्बेडकर कल्याण छात्रावासों में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का आयोजन किया जाएगा, जिससे राज्यभर के छात्रावासों को एक साझा मंच से जोड़ा जाएगा।
शिविर में छात्रावास स्तर पर मिलेगा सहयोग
विद्यार्थी सहयोग शिविर के दौरान सभी अम्बेडकर कल्याण छात्रावासों में छात्रावास समन्वयक-सह-प्रखंड कल्याण पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। वे आवासित छात्र-छात्राओं की समस्याओं को दर्ज करेंगे और उन्हें अपेक्षित सहयोग प्रदान करेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षणिक, व्यक्तिगत और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ अपनी आवश्यकताओं एवं सुझावों को रखने का अवसर मिलेगा।
इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच संवाद को आसान और प्रभावी बनाना है। इससे छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याएं सीधे सामने आ सकेंगी और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
शिविर को केवल शिकायत दर्ज कराने का मंच नहीं बनाया गया है। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई, छात्रावास की सुविधाओं, शैक्षणिक व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दे सकेंगे। विद्यार्थियों के अनुभव और जरूरतों के आधार पर प्राप्त सुझावों का उपयोग व्यवस्था में सुधार के लिए किया जाएगा।
सरकार ने इसे एक दिन की पहल तक सीमित नहीं रखा है। विद्यार्थियों की समस्याओं की नियमित सुनवाई के लिए प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। इससे शिकायतों और सुझावों की नियमित समीक्षा के साथ समाधान की प्रक्रिया को भी निरंतर आगे बढ़ाया जा सकेगा।
शिविर के अलावा विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिकायत और सुझाव दर्ज कराने की सुविधा भी दी गई है। छात्र-छात्राएं sahyog.bihar.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत या शैक्षणिक सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। शिविर अथवा शिकायत की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए विद्यार्थी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1100 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
खास बात यह है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसके समाधान की समयसीमा भी तय की गई है। परिवाद दर्ज होने की तिथि से 30 दिनों के अंदर उसका निष्पादन किया जाएगा और आवेदक को लिखित रूप से इसकी सूचना दी जाएगी। इससे शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

