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बिहार के बाल देखरेख संस्थानों में स्थापित होंगे एनआईओएस के अध्ययन केंद्र, बच्चों को मिलेगी शिक्षा की बेहतर सुविधा

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पटना, 16 अक्टूबर (हि.स.)। समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों जैसे बाल गृह, बालिका गृह, पर्यवेक्षण गृह, विशेष गृह एवं सुरक्षित स्थान में आवासित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के एक्रिडिएशन सेन्टर (अध्ययन केंद्र) स्थापित करने हेतु वर्तमान में कुल 62 केंद्रों के लिए अनुमति प्रदान की गई है।

इस पहल के माध्यम से बाल देखरेख संस्थानों में आवासित बच्चों का शैक्षणिक नामांकन सुनिश्चित करने, उन्हें उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने तथा शिक्षा जारी रखने के लिए आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

इस व्यवस्था से ऐसे बच्चों को, जो विभिन्न परिस्थितियों के कारण नियमित विद्यालयी शिक्षा से वंचित रह गए हैं अथवा जिनकी पढ़ाई बाधित हुई है, पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। साथ ही, बच्चों की आयु, शैक्षणिक स्तर एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

एनआईओएस के एक्रिडिएशन सेन्टर के माध्यम से बच्चों को मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत अध्ययन करने, निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षा में सम्मिलित होने तथा अपनी शैक्षणिक योग्यता विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा। इससे बाल देखरेख संस्थानों में आवासित बच्चों के शैक्षणिक विकास, आत्मनिर्भरता एवं भविष्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

समाज कल्याण विभाग की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाल देखरेख संस्थानों में आवासित कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे तथा प्रत्येक बच्चे को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी