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'मेरे सपनों का भारत' विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में बिहार का देशभर में पहला स्थान प्राप्त करना गर्व की बात : मुख्यमंत्री

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'मेरे सपनों का भारत' विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में बिहार का देशभर में पहला स्थान प्राप्त करना गर्व की बात : मुख्यमंत्री


-बिहार को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार का केंद्र बनाना सरकार का लक्ष्य : सम्राट चौधरी-राज्यस्तरीय चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का शुभारंभ-100 उत्कृष्ट शिक्षकों को विदेश में प्रशिक्षण दिलाने की पहल

पटना, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार को पटना के बापू सभागार में शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी और बिहार का देशभर में प्रथम स्थान हासिल करना राज्य के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी देश के भविष्य और कल के नायक हैं। बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान, अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक चेतना की भूमि रहा है। मगध ने भारत को स्वर्णिम युग दिया, जबकि पंडित चाणक्य ने इसी धरती से अखंड भारत की परिकल्पना की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालय बिहार की समृद्ध शैक्षणिक विरासत के प्रतीक हैं। इस गौरवशाली परंपरा को फिर से प्रतिष्ठित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि भारत को केवल ‘सोने की चिड़िया’ बनाने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि ऐसा सशक्त राष्ट्र बनाना है, जो अपनी क्षमता और सामर्थ्य के बल पर विश्व में अग्रणी भूमिका निभा सके।

मुख्यमंत्री ने बिहार में गरीबी और बुनियादी सुविधाओं की कमी का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 तक राज्य के गरीब परिवारों को लगभग 42 लाख पक्के मकान उपलब्ध कराए गए थे। वहीं, 2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 62 लाख गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षा विभाग से स्कूलों और कॉलेजों के 100 ऐसे उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान करने को कहा, जिनकी अपने-अपने विषयों में शिक्षण क्षमता बेहतर है।

उन्होंने कहा कि चयनित शिक्षकों को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सहित दुनिया के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों और अन्य देशों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की दिशा में पहल की जानी चाहिए। इससे शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण पद्धतियों और शैक्षणिक गुणवत्ता से परिचित होंगे। बिहार लौटने के बाद वे अपने अनुभवों का लाभ राज्य के विद्यार्थियों को दे सकेंगे।

सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार पीएम श्री विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले साल मार्च तक इन विद्यालयों को व्यवस्थित करने और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि बिहार के लाखों विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं। सरकार की कोशिश है कि राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई के लिए बाहर न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सामने दो प्रमुख लक्ष्य हैं। पहला, बिहार में उद्योगों का विस्तार कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना, ताकि मजदूरों और युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। दूसरा, राज्य में बेहतर विद्यालय, कॉलेज और विश्वविद्यालय विकसित करना, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के अवसरों का विस्तार बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है, ताकि राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि बिहार सरकार ने राज्य में 17 स्थानों पर केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है। उनके अनुसार, इसी वर्ष इन सभी 17 स्थानों पर केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई शुरू कराने की पहल की गई है। उन्होंने इसे राज्य में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार अपने लगभग 3.47 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में से करीब 78 हजार करोड़ रुपये शिक्षा विभाग पर खर्च कर रही है। यह राशि कुल बजट का लगभग 21 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर निवेश के जरिए राज्य में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी