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बिहार में संविदा चिकित्सकों के मानदेय में वृद्धि, एक सितंबर से प्रभावी

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-प्रोफेसर को अब 2.07 लाख रुपये महीना

पटना, 08 सितंबर (हि.स.)। बिहार सरकार ने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट के मानदेय में वृद्धि की है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर संशोधित मानदेय की नई दरें निर्धारित की हैं। बढ़ा हुआ मानदेय एक सितंबर 2026 से प्रभावी होगा।

विभागीय आदेश के अनुसार, संविदा पर कार्यरत प्राध्यापक का मानदेय 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.07 लाख रुपये प्रतिमाह, सह-प्राध्यापक का 1.35 लाख से बढ़ाकर 1.55 लाख रुपये और सहायक प्राध्यापक का 1.10 लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह किया गया है।

इसी तरह सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर का मानदेय बढ़ाकर 1.15 लाख रुपये तथा जूनियर रेजिडेंट का 65 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के आदेश में कहा गया है कि पुनरीक्षित मानदेय एक सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। प्रस्ताव पर प्राधिकृत समिति की अनुशंसा और सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। संशोधित दरों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित चिकित्सा संस्थानों को जारी कर दिए गए हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके योगदान को देखते हुए सरकार ने मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से चिकित्सकों को प्रोत्साहन मिलेगा और राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ एवं योग्य मानव संसाधन की उपलब्धता को और मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी