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बिहार में हर महीने के आखिरी रविवार को 'पंचायत विकास दिवस' आयोजित किया जाएगा: सम्राट चौधरी

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बिहार में हर महीने के आखिरी रविवार को 'पंचायत विकास दिवस' आयोजित किया जाएगा: सम्राट चौधरी


-मुख्यमंत्री ने पोटिया गांव में 'पंचायत विकास दिवस' का किया शुभारंभ

पटना, 28 जून (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर प्रखंड की टेटिया ग्राम पंचायत से 'पंचायत विकास दिवस' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें संस्करण का भी श्रवण किया।

इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को 'पंचायत विकास दिवस' आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की समीक्षा, स्थानीय समस्याओं पर चर्चा और उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष में 12 बार पंचायत प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और ग्रामीण एक मंच पर बैठकर पंचायत के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य पंचायतों को गरीबी मुक्त, स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि 'पंचायत विकास दिवस' के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, जल प्रबंधन, सिंचाई, पेयजल, स्वच्छता, हरित विकास, सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सांसदों, विधायकों, जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों, मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंचों से ग्राम सभाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

सम्राट चौधरी ने बताया कि पहले 'पंचायत विकास दिवस' की थीम 'महिला हितैषी पंचायत' रखी गई है। सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को सशक्त बनाना है, लिहाजा, राज्य सरकार जीविका दीदियों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है और बड़ी संख्या में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रखंडों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जहां बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में सरकारी मॉडल स्कूलों की गुणवत्ता इतनी बेहतर होगी कि निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी वहां पढ़ना पसंद करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीबों के लिए आवास, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। केंद्र सरकार की नई विकास योजनाओं के तहत अगले चार से पांच वर्षों में बिहार को 50 से 70 हजार करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में साढ़े चार करोड़ लोगों को पक्के मकान मिले हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में पिछले 20 वर्षों के दौरान लगभग एक करोड़ लोगों को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अस्पतालों की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। 15 अगस्त से ऐसी व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य है, जिससे अनुमंडल और जिला अस्पतालों में ही मरीजों का बेहतर उपचार सुनिश्चित हो सके और अनावश्यक रेफरल की आवश्यकता कम हो।

मुख्यमंत्री ने मुंगेर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि तारापुर की जनता ने उन्हें 46 हजार मतों से विजयी बनाकर विधानसभा भेजा है और वे इस क्षेत्र के लोगों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी