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सेवा के साथ नवाचार और उद्यमिता से बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है : सम्राट चौधरी

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सेवा के साथ नवाचार और उद्यमिता से बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है : सम्राट चौधरी


पटना, 19 सितंबर (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को तारामंडल में सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नवाचार के प्रति सोच और दृष्टि सभी को प्रेरित करती है। राज्य सरकार भी इन्हीं उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ रही है। बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य की युवा शक्ति और बड़ी आबादी को चुनौती नहीं, बल्कि विकास की ताकत बनाकर बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

उन्होंने कहा कि 'सेवा संकल्प अभियान' और 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज (पूर्वी जोन)' जैसे प्रयासों से युवाओं में सेवा भावना, नवाचार और नई सोच को प्रोत्साहित किया जा रहा है। तकनीक के माध्यम से आम लोगों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। उन्होंने यूपीआई का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल लेन-देन के क्षेत्र में इसने क्रांति ला दी है और इसका सबसे अधिक उपयोग भारत में होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक माहौल तैयार हो चुका है और अब तक करीब 1,000 उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। अगले पांच वर्षों में राज्य में 10,000 उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बिहार के करीब 12 लाख लोग रोजगार के लिए राज्य से बाहर जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। इसके लिए उद्योगों और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि युवा उद्यमी नए स्टार्टअप के माध्यम से बिहार की दिशा बदल सकते हैं और राज्य सरकार उनके प्रयासों को हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि आईटी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार टेक पोर्टल' के माध्यम से काम किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं। 'विद्यार्थी साथी' ऐप के माध्यम से लाइव क्लास और नीट-जेईई की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। युवाओं और विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर और मेंटरशिप की सुविधा भी उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रात एक बजे भी करीब 1.42 लाख बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा ले रहे हैं और उस समय शिक्षक भी उपलब्ध रहते हैं। इसके लिए 75 हजार शिक्षकों का नामांकन किया गया है।

महिला सशक्तीकरण को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। युवा ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को एक साथ जोड़कर राज्य को तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ऐसा बिहार बनाना है, जहां सेवा के साथ नवाचार, रोजगार और उद्योग के नए अवसर लगातार उपलब्ध हों।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कार रैली के तहत 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने इनोवेशन प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों से स्टार्टअप और नवाचार के संबंध में बातचीत की तथा उनके उत्पादों की जानकारी ली।----------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी