हर गांव तक पहुंचेगा संत रविदास का संदेश, कार्यकर्ता बनेंगे अभियान के वाहक : संजय सरावगी
पटना, 01 अगस्त (हि.स.)। संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर वाराणसी से लाए गए पवित्र कलश को बिहार के सभी जिलों, मंडलों और गांवों तक पहुंचाने की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, संगठनात्मक तैयारियों तथा जनसहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दालसनिया, प्रदेश महामंत्री राजेश झा,प्रीति शेखर, नितिन अभिषेक, धनराज शर्मा, सरोज पटेल उपस्थित थे।
पूर्व मंत्री जनक चमार सहित प्रदेश के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने इस अभियान को सामाजिक समरसता और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसकी सफलता के लिए संगठन के प्रत्येक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना से इस पवित्र कलश को विधिवत रवाना करेंगे। इसके बाद यह कलश राज्य के सभी जिलों में पहुंचेगा। जिलों से इसे मंडलों और फिर गांव-गांव तक ले जाया जाएगा, जहां संत शिरोमणि रविदास जी के जीवन, उनके सामाजिक समरसता, समानता, मानवता और सद्भाव के संदेश पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, समरसता और समानता के महान प्रवर्तक थे। उनका जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति के सम्मान, आत्मगौरव और मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि भाजपा संत रविदास जी के विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है और यह कलश यात्रा सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम बनेगी।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से बिहार के प्रत्येक जिले, मंडल और गांव में संत रविदास जी के आदर्शों का प्रसार किया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे इस अभियान को जन-जन का अभियान बनाते हुए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें, ताकि संत रविदास जी का समता, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

