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गंगा में नाव चलाने की अनुमति मांगने डीएम कार्यालय पहुंचे नाविक, प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का हवाला देकर स्थिति की स्पष्ट

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गंगा में नाव चलाने की अनुमति मांगने डीएम कार्यालय पहुंचे नाविक, प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का हवाला देकर स्थिति की स्पष्ट


भागलपुर, 07 नवंबर (हि.स.)। विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बाधित रहने के कारण गंगा नदी पार करने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच, स्थानीय नाविकों का एक समूह अपनी नावों के परिचालन की अनुमति लेने शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। नाविकों ने प्रशासन से आजीविका और यात्रियों की सुविधा का हवाला देते हुए नियमित नाव चलाने की स्वीकृति देने की मांग की है। नाविकों की मांग और हालिया चर्चाओं के बीच भागलपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा नियमों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रशासन के अनुसार किसी भी नई निजी नाव के परिचालन के लिए फिलहाल कोई नया आदेश या अनुमति जारी नहीं की गई है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित रूटों पर केवल पंजीकृत और मानक पूरा करने वाले बड़े जहाजों (फेरी सेवा) के संचालन को ही प्राथमिकता दी जा रही है। बिना निबंधन (रजिस्ट्रेशन) या बिना अनुमति गंगा में नाव उतारने वालों पर प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है। पूर्व में भी नियम तोड़कर नाव चलाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। जिला प्रशासन द्वारा गंगा घाटों पर आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यात्रियों को चढ़ने-उतरने में सुविधा के लिए बियाडा घाट के प्लेटफॉर्म को 50 मीटर तक बढ़ाया गया है और वहां अस्थाई थाना व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। शाम 5:30 बजे के बाद नदी में परिचालन पर रोक है। साथ ही, ओवरलोडिंग रोकने और लाइफ जैकेट व चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। वहीं डीएम कार्यालय पहुंचे नाविकों का कहना है कि सेतु पर निर्माण कार्य के कारण नदी पार करने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ी है। यदि प्रशासन उनकी नावों का भौतिक सत्यापन कर सुरक्षा मानकों के साथ परिचालन की अनुमति देता है, तो इससे न केवल स्थानीय नाविकों को रोजगार मिलेगा, बल्कि घाटों पर यात्रियों का दबाव भी कम होगा। फिलहाल प्रशासन ने सुरक्षा ऑडिट और मानकों के अनुपालन को ही अंतिम आधार बताया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर