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देश के विभाजन की विभीषिका को भुलाना संभव नहीं : सांसद

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देश के विभाजन की विभीषिका को भुलाना संभव नहीं : सांसद


दरभंगा, 14 अगस्त (हि.स.)। भारत के विभाजन की विभीषिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। 1947 में देश के विभाजन के दौरान हुए व्यापक हिंसा, विस्थापन और जनहानि को याद करना आने वाली पीढ़ियों को इतिहास के उस त्रासद अध्याय से परिचित कराने का दायित्व है। ये बातें स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने शुक्रवार को भाजपा दरभंगा पूर्वी जिला के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष विनय कुमार पासवान की अध्यक्षता में आयोजित ‘विभाजन की विभीषिका’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही।

सांसद ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को भारत के विभाजन ने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए। परिवार बिछड़ गए और लोगों को अपना घर-बार छोड़कर शरणार्थी जीवन जीने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्द भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिस पर समय की धूल भले जम जाए, लेकिन उसकी स्मृतियों को मिटाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि विभाजन के पीछे तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व के निर्णयों की बड़ी भूमिका थी। डॉ. लोहिया की पुस्तक ‘Guilty Men of India's Partition’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता की राजनीति और राजनीतिक अवसरवाद ने विभाजन की त्रासदी को जन्म देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सांसद डॉ. ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाना उन सभी लोगों के प्रति श्रद्धांजलि है, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाई या विस्थापन का दंश झेला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य इतिहास को जीवित रखना और भावी पीढ़ी को विभाजन की त्रासदी से सीख लेने के लिए प्रेरित करना है।

संगोष्ठी में जिला महामंत्री शत्रुघ्न सहनी, विधानसभा संयोजक मणिकांत मिश्र, महावीर सिंह, इंद्रेश झा, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष नीरज चौधरी, राधेश्याम झा, शिवाकांत सहनी, राजकुमार साहनी सहित जिला संगठन के विभिन्न पदाधिकारी एवं मंच-मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra