17 अप्रैल भारतीय लोकतंत्र और मातृ शक्ति के लिए काला दिन:प्रवीण कुमार
अररिया, 18 अप्रैल(हि.स.)। 17 अप्रैल भारतीय लोकतंत्र और देश की मातृ शक्ति के लिए काला दिन के रूप में जाना जाएगा।उक्त बातें भाजपा नेता प्रवीण कुमार ने यहां इंडी गठबंधन के विरोध स्वरूप महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाली 131वें संविधान संशोधन विधेयक संसद से खारिज होने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
प्रवीण कुमार ने कहा कि एक बार फिर इंडी गठबंधन का महिला विरोधी चेहरा उजागर हुआ है। देश ने देखा किस प्रकार कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने देश की मातृ शक्ति को धोखा दिया। संसद में केवल एक विधेयक ही नहीं गिरा,बल्कि मातृ शक्ति की आशाओं पर कुठाराघात हुआ है। कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने महिला सशक्तिकरण के प्रयास को कुचल कर उनके सपनों और अरमानों को रौंदते हुए शक्ति स्वरूपा मातृ शक्ति के भावनाओं को आहत किया है।
भाजपा नेता प्रवीण कुमार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले विधेयक को गिरा देना और उस पर हर्ष मनाना और जयघोष करना निंदनीय और कल्पना से परे बताया। कहा कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात दूर तक जाएगी इंडी गठबंधन को नारी शक्ति के आक्रोश हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।पूरा देश हमेशा इस बात को याद रखेगा की विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए नारी सम्मान को बलि चढ़ा दिया।
उन्होंने विश्वास जताया है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार महिलाओ के सम्मान और सशक्तिकरण की लड़ाई दृढ़ता से आगे भी जारी रखेगी, साथ ही उनके इस अधिकार का विरोध करने वाले इन विपक्षियों यथा कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी को देश की मातृ शक्ति जरूर सबक सिखाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

