बिहार में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से करने के फैसले का भाजपा ने किया स्वागत
पटना, 26 मार्च (हि.स.)। बिहार में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से करने के फैसले का प्रदेश भाजपा ने स्वागत किया है।
भाजपा के प्रवक्ता कुंतल कृष्णन ने कहा कि यह फैसला स्वागतयोग्य है और इसके लिए उन्होंने बिहार सरकार को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से छात्रों में राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत होगी, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी इन बच्चों में जाएगा, जो देश के भविष्य के लिए बेहतर होगा। साथ ही बच्चे राष्ट्रगीत का मतलब भी समझ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से छात्रों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्' गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है, जो स्व-शासन की सामूहिक इच्छा तथा लोगों और उनकी मातृभूमि के बीच भावनात्मक जुड़ाव को समाहित करता है।
उन्होंने कहा कि यह सभी देशवासियों को समझना होगा कि राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के सम्मान और विश्वास के साथ स्वाभिमान का प्रतीक है।
उन्होंने साफ लहजे में कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना जगाने के संदर्भ में राष्ट्रीय गीत आवश्यक है और प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं ही इसके प्रति प्रतिबद्धता प्रकट करनी चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं कि राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का सम्मान होना चाहिए, इसे देश के सभी नागरिकों को करना चाहिए। यह उनका अपने देश के प्रति पहला कर्तव्य है ।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

