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बिहार कैबिनेट : बक्सर के वामन मंदिर का होगा विकास, पांच नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे, 31 बस स्टैंड होंगे आधुनिक

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बिहार कैबिनेट : बक्सर के वामन मंदिर का होगा विकास, पांच नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे, 31 बस स्टैंड होंगे आधुनिक


पटना, 01 जुलाई (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन और तीर्थयात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बक्सर स्थित भगवान वामन मंदिर के विकास से लेकर पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना तथा राज्य के 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण जैसे अहम निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में अवस्थित भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके तहत मंदिर परिसर के लिए भूमि को अलग से चिह्नित कर सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही चहारदीवारी का निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा मंदिर परिसर के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।

बैठक में राज्य में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक विद्यालय को पांच-पांच एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। ये विद्यालय पूर्णिया पूर्व (मधुबनी मौजा, पूर्णिया), राजगीर (पिलखी, नालंदा), शेखपुरा (नीमी), मधेपुरा (साहुगढ़) तथा मधुबनी जिले के राजनगर अंचल के सतिहारपुर मौजा में स्थापित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन विद्यालयों के खुलने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से राज्य के 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इन बस स्टैंडों का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा। योजना में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गयाजी, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी और किशनगंज सहित कई प्रमुख जिलों के बस स्टैंड शामिल हैं। इनके आधुनिकीकरण के तहत आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, पार्किंग, व्यावसायिक सुविधाएं, डिजिटल सेवाएं, स्वच्छता और बेहतर यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

मंत्रिपरिषद ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की अटूट आस्था के अवसर पर बिहार के लगभग 1,100 श्रद्धालुओं के लिए 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का सुव्यवस्थित और सुचारु संचालन सुनिश्चित करना है।

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार लाने और सांस्कृतिक-धार्मिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी