home page

राजकीय मलमास मेला में 1700 सफाई कर्मी 617 मजदूर एवं 87 पर्यवेक्षकों कि की गई प्रतिनियुक्ति

 | 
राजकीय मलमास मेला में 1700 सफाई कर्मी 617 मजदूर एवं 87 पर्यवेक्षकों कि की गई प्रतिनियुक्ति


बिहारशरीफ 14 मई (हि.स.)। बिहार में नालंदा जिले के राजगीर में राजकीय मलमास मेला को भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने को लेकर नालंदा जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गयी है।

इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने राजगीर स्थित मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की सुविधा को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार मलमास मेला को अत्याधुनिक एवं योजनाबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवासन की सुविधा के लिए पहली बार वीआईपी टेंट सिटी सहित कुल 15 स्थानों पर जर्मन हैंगर एवं टेंट पंडाल तैयार किए गए हैं।

डीएम ने कहा कि भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ब्रह्मकुंड परिसर में लोहे का जिग-जैग बैरिकेडिंग सिस्टम बनाया गया है, ताकि श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से स्नान एवं पूजा कर सकें।गर्मी से राहत देने के लिए जिग-जैग क्षेत्र में मिस्ट फैन एवं मिस्ट कूलर लगाए गए हैं। वहीं श्रद्धालुओं के मनोरंजन एवं सूचना प्रसारण के लिए जगह-जगह एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं, जिन पर धार्मिक एवं भक्तिमय कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा।

डीएम ने कहा कि आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है।ब्रह्मकुंड और सप्तधारा निकास द्वार के पास पहली बार ऑडियो-विजुअल कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। वहीं ब्रह्मकुंड में ऑक्सीजन स्तर मापने के लिए विशेष यंत्र भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सहायता हेतु 180 आपदा मित्रों की तैनाती की गई हैसरस्वती नदी की उड़ाही, वैतरणी कुंड की सफाई, मरम्मत एवं रंगाई-पुताई के साथ-साथ थ्री-डी पेंटिंग कराई गई है, जिससे पूरा क्षेत्र आकर्षक और धार्मिक आस्था के अनुरूप दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए 30 स्थानों पर 300 प्याऊ एवं 125 स्टैंड पोस्ट के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त 20 नए चापाकल लगाए गए हैं तथा 60 पुराने चापाकलों की मरम्मत कराई गई है।स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 1000 एफआरपी शौचालय बनाए गए हैं, जिनमें 550 पुरुष एवं 450 महिला शौचालय शामिल हैं। इसके अलावा 75 यूरिनल और नगर परिषद द्वारा 280 अस्थायी शौचालय भी बनाए गए हैं।

मेला क्षेत्र में 8 अस्थायी अस्पताल एवं 18 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 16 एम्बुलेंस एवं 4 चलंत चिकित्सा दल तैनात रहेंगे। अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर और भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी में भी विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालुओं के लिए 14 स्थानों पर कुल 25 “दीदी की रसोई” स्टॉल लगाए गए हैं, जहां सस्ते दर पर स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।पूरे मेला क्षेत्र में तीन पालियों में सफाई व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए 1700 सफाई कर्मियों, 617 मजदूरों एवं 87 पर्यवेक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मोबाइल ऐप के माध्यम से साफ-सफाई की निगरानी की जाएगी तथा नियमित फॉगिंग एवं ब्लीचिंग का छिड़काव होगा।वहीं सुरक्षा व्यवस्था के तहत 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 16 वॉच टावर और 38 टीओपी बनाए गए हैं।

आग से सुरक्षा के लिए 30 अग्निशमन वाहन और 250 अग्निशामकों की तैनाती की गई है।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रिंग बस सेवा शुरू की जाएगी। 12 स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां पेयजल एवं शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। जाम से निपटने के लिए विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है तथा 20 स्थानों पर यातायात चेक पोस्ट बनाए गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे