श्रीकृष्ण बाल लीला और गोवर्धन महोत्सव से गूंजा भागवत कथा स्थल
अररिया 05 फरवरी(हि।स.)। फारबिसगंज के एसके रोड स्थित राम प्रकाश प्रसाद के आवास पर आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार को भक्तिभाव से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। कथा के इस दिव्य प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।पांचवें दिन की कथा में बाल लीला, पूतना मोक्ष, गौचारण लीला, चीरहरण प्रसंग एवं गोवर्धन महोत्सव का अत्यंत भावपूर्ण ढंग से वर्णन किया गया।
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं भक्तों को सहज भक्ति, प्रेम और विश्वास का मार्ग दिखाती हैं। पूतना मोक्ष प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रभु शरण में आए हर जीव का उद्धार करते हैं।
गौचारण लीला में श्रीकृष्ण के सखाओं के साथ प्रेमपूर्ण संबंधों का वर्णन किया गया, वहीं चीरहरण प्रसंग के माध्यम से अहंकार त्याग कर पूर्ण रूप से भगवान पर समर्पण का संदेश दिया गया। गोवर्धन महोत्सव की कथा सुनते ही पंडाल जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। कथावाचक ने बताया कि गोवर्धन पर्वत उठाकर श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को चूर किया और भक्तों की रक्षा की।
कथा स्थल पर भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।गुरुवार को तत्कालीन एसडीएम रंजीत कुमार रंजन और उसकी पत्नी भी कथा स्थल पर पहुंचे और कथा सुनने के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

