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नम आंखों के बीच “सोन भैया” पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

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नम आंखों के बीच “सोन भैया” पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब


दरभंगा, 12 मई (हि.स.)। तारडीह प्रखंड अंतर्गत नदियामी पंचायत के बसाही टोल में मंगलवार का दिन शोक, संवेदना और स्मृतियों से भरा रहा। दया कांत झा उर्फ “दुलार झा” यानी सबके प्रिय “सोन भैया” को अंतिम विदाई देने के लिए गांव ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। नम आंखों और भारी मन से लोगों ने अपने प्रिय अभिभावक को अंतिम प्रणाम किया।

सुबह से ही उनके दरवाजे पर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी,जिसने भी निधन की खबर सुनी, वह अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गया। कोई हारमोनियम पर गाए गए उनके समदाउन और विरह गीतों को याद कर भावुक हो रहा था, तो कोई उनके मधुर व्यवहार और अपनापन की चर्चा करते हुए आंखें पोंछ रहा था। पूरे माहौल में गहरा सन्नाटा और पीड़ा महसूस की जा रही थी।

ग्रामीण अंचल के सामाजिक और धार्मिक जीवन में “सोन भैया” की विशेष पहचान थी। दाह संस्कार, मुंडन, शादी-विवाह, कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में वे विधि-विधान के जानकार माने जाते थे। गांव का शायद ही कोई ऐसा आयोजन होता, जिसमें उनकी भूमिका न हो। लोग उन्हें क्षेत्र का अभिभावक मानते थे।

हारमोनियम पर समदाउन और विरह के सैकड़ों लोकगीत उन्हें कंठस्थ थे। जब वे गाना शुरू करते थे तो माहौल भावुक हो उठता था। उनकी आवाज़ में ऐसी आत्मीयता थी कि सुनने वालों की आंखें नम हो जाती थीं। उनके निधन के साथ ही मानो गांव की लोकसंस्कृति का एक जीवंत अध्याय समाप्त हो गया।

अंतिम यात्रा के दौरान “राम नाम सत्य है” के स्वर गूंजते रहे। शवयात्रा में शामिल लोगों की जुबान पर बस एक ही सवाल था — “अब समाज का नेतृत्व कौन करेगा?” गांव के बुजुर्गों ने कहा कि पुराने संस्कार, अदब और आत्मीयता का एक दीपक आज बुझ गया।

मंगलवार को पैतृक गांव में वैदिक मंत्रोच्चार और गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके एकलौते पुत्र शिव कुमार झा ने दी। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

स्वभाव से मिलनसार, दूसरों का सम्मान करने वाले और हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले “सोन भैया” अब भले इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृतियां, उनकी धुनें और उनका अपनापन हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra