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पिता की सीमित कमाई, बेटी की बीमारी और सरकार का सहारा, बाल हृदय योजना ने अंचल को दी नई जिंदगी

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पिता की सीमित कमाई, बेटी की बीमारी और सरकार का सहारा, बाल हृदय योजना ने अंचल को दी नई जिंदगी


किशनगंज, 26 अगस्त (हि.स.)। प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करने वाले चंदन महतो के लिए सात वर्षीय बेटी अंचल कुमारी के दिल की बीमारी का इलाज किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। सीमित आमदनी में परिवार का भरण-पोषण मुश्किल से हो पाता था। ऐसे में अहमदाबाद के विशेषज्ञ अस्पताल में हृदय की सर्जरी का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था।

बिहार सरकार की बाल हृदय योजना परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनी और अंचल का 14 जुलाई 2026 को श्री सत्य साईं हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद में सफल ऑपरेशन कराया गया।

दिलवरगंज निवासी अंचल जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। योजना के तहत उसे विशेषज्ञ जांच, ऑपरेशन, अस्पताल में भर्ती, दवा और आवश्यक आवागमन की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। इससे परिवार को इलाज के लिए कर्ज लेने या अपनी जमा पूंजी खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ी।

अंचल के पिता चंदन महतो ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह बेटी का महंगा इलाज करा सकें।

सरकारी योजना की मदद से बेटी को बड़े अस्पताल में उपचार मिला और उसका सफल ऑपरेशन संभव हो सका। बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि वर्ष 2021 से अगस्त 2026 तक किशनगंज जिले के 47 जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को निःशुल्क उपचार के लिए विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में भेजा गया है। इनमें 2021 में 3, 2022 में 4, 2023 में 7, 2024 में 11, 2025 में 16 और 2026 में अब तक 6 बच्चे शामिल हैं।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गांवों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों की स्क्रीनिंग की जाती है।

बीमारी की पहचान होने पर बच्चों को विशेषज्ञ जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाता है।

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे के जीवनरक्षक उपचार में बाधा नहीं बनना चाहिए। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार की संभावना बेहतर होती है।

सिविल सर्जन ने बताया कि बच्चों में सांस लेने में परेशानी, बार-बार थकान, वजन या शारीरिक विकास में कमी जैसे लक्षण दिखें तो तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। अंचल की सफल सर्जरी और लौटती मुस्कान योजना की सफलता की मिसाल बन गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह