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मां भगवती की प्रतिमा का ढोल बाजे के साथ शोभायात्रा जुलूस के साथ किया गया विसर्जन

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मां भगवती की प्रतिमा का ढोल बाजे के साथ शोभायात्रा जुलूस के साथ किया गया विसर्जन


मां भगवती की प्रतिमा का ढोल बाजे के साथ शोभायात्रा जुलूस के साथ किया गया विसर्जन


अररिया, 21 अक्टूबर(हि.स.)। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की प्रतिमा का ढोल बाजे के साथ शोभायात्रा जुलूस निकालकर विभिन्न नदियों,पोखरों और तालाबों में विसर्जित किया गया।अररिया के त्रिशूलिया घाट पर कृत्रिम पोखर बनाकर प्रतिमा विसर्जित की गई।वहीं एबीसी नहर,जेबीसी नहर समेत विभिन्न पोखरों और तालाबों में बैंड बाजों के साथ निकले शोभायात्रा के साथ प्रतिमा विसर्जित की गई।

जिले में परमान नदी,बकरा, रतुआ,सीताधार सहित अन्य नदियों और धार में मां की प्रतिमा विसर्जित की गई।फारबिसगंज में सुल्तान पोखर,कोठीहाट नहर सहित बस स्टैंड स्थित सीताधार नदी में प्रतिमा की विसर्जित की गई।

विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में विभिन्न पूजा समिति के साथ-साथ विसर्जन स्थल और चौक चौराहों पर विधि संधारण को लेकर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारियों और बलों की तैनाती की गई थी।इसके अलावा भीड़ को नियंत्रण करने के लिए बाजार में भी पुलिस बलों की तैनाती रही।खुद डीएम विनोद दूहन और एसपी जितेन्द्र कुमार समेत सदर अनुमंडल के एसडीएम एसडीपीओ,फारबिसगंज अनुमंडल के एसडीएम और एसडीपीओ विसर्जन के लिए मुस्तैद दिखे।इससे पहले डीएम और एसपी ने अररिया के त्रिशूलिया घाट,फारबिसगंज के सुल्तान पोखर,सीताधार विसर्जन स्थल पर तैयारी का जायजा लिया।

शोभायात्रा में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ साथ महिला श्रद्धालु भी शामिल होकर मां के जयकारा लगाते रहे।प्रत्येक पूजा समिति के शोभायात्रा के साथ पुलिस बल साथ साथ विसर्जन स्थल तक गए।अररिया में जहां मां के भक्तों ने उनकी अंतिम विदाई कंधों पर ले जाकर किया।वहीं फारबिसगंज सुल्तान पोखर पूजा समिति के सदस्यों ने मां की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा में कंधे पर रखकर शहर में भ्रमण कराया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर