सदर अस्पताल में 1.82 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप, सुरक्षा एजेंसी पर एफआईआर का आदेश
किशनगंज, 14 मई (हि.स.)। सदर अस्पताल में कार्यरत एक निजी सुरक्षा एजेंसी पर करीब 1 करोड़ 82 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप लगा है।
मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन ने एजेंसी के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश जारी किया है। आरोप है कि एजेंसी ने फर्जी बिल प्रस्तुत कर स्वास्थ्य विभाग से अवैध रूप से भुगतान प्राप्त किया।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने अस्पताल प्रबंधक मो. जुल्ले असरफ को एमएस समंता सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, पटना के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
यह कार्रवाई असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, किशनगंज के पत्रांक 1418 के आलोक में की गई है।
जारी आदेश में कहा गया है कि सुरक्षा एजेंसी द्वारा विभाग को गुमराह करते हुए फर्जी बिल जमा किए गए और इसी आधार पर लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया गया।
अस्पताल प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी उक्त एजेंसी को दी गई थी और एजेंसी को नियमित रूप से भुगतान किया जाता था।
बिल एवं भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच के दौरान कथित गड़बड़ी सामने आई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि एजेंसी द्वारा प्रस्तुत कई बिल वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते थे, जिससे स्वास्थ्य विभाग को आर्थिक क्षति पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।उपाधीक्षक ने अस्पताल प्रबंधक को निर्देश दिया है कि स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कर इसकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
मामले की प्रतिलिपि सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति किशनगंज तथा असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को भी भेजी गई है।
बताया जा रहा है कि इस संबंध में सदर थाना में आवेदन भी सौंप दिया गया है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कथित गड़बड़ी कब से चल रही थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद एजेंसी के दस्तावेज, भुगतान प्रक्रिया तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच किए जाने की संभावना है। सिविल सर्जन डॉ. कुमार चौधरी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उपाधीक्षक को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

