निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त, री-एडमिशन फीस और महंगी किताबों पर लगाम के निर्देश
भागलपुर, 11 अप्रैल (हि.स.)। जिले में निजी विद्यालयों द्वारा री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मनमानी शुल्क वसूली और महंगी किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाने की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने टाउन हॉल में शनिवार को निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उप विकास आयुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
इस दौरान जिलाधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है और यहां किसी भी तरह का अमीर-गरीब का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिया कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन से सभी प्रधानाचार्यों को अवगत करा दिया गया है और उसका पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी विद्यालय द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस रुख से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

