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अवैध क्लीनिक पर प्रशासन का शिकंजा, फर्जी डॉक्टर पर प्राथमिकी

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अवैध क्लीनिक पर प्रशासन का शिकंजा, फर्जी डॉक्टर पर प्राथमिकी


किशनगंज, 23 जुलाई (हि.स.)। बहादुरगंज में अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना चिकित्सकीय योग्यता मरीजों का इलाज करने, अवैध गर्भपात (एमटीपी) कराने और बिना लाइसेंस दवा दुकान चलाने के आरोप में संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक को सील करने का आदेश देते हुए अन्य कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई को मिली शिकायत के बाद गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने एमएस क्लीनिक की प्रारंभिक जांच की थी। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 22 जुलाई को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, औषधि निरीक्षक, स्वास्थ्य प्रबंधक, पुलिस और अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीम ने क्लीनिक का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच में खुलासा हुआ कि क्लीनिक का संचालन मसूद आलम कर रहा था, जिसके पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान की चिकित्सकीय डिग्री नहीं है। इसके बावजूद वह स्वयं को चिकित्सक बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था। निरीक्षण के दौरान उपचार के लिए पहुंची 24 वर्षीय महिला की जांच में करीब आठ सप्ताह का मिस्ड एबॉर्शन पाया गया। महिला की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बहादुरगंज रेफर कर सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया गया।

संयुक्त जांच दल ने यह भी पाया कि क्लीनिक में बिना वैधानिक अनुमति मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) जैसी संवेदनशील प्रक्रिया की जा रही थी। इसके अलावा बिना लाइसेंस दवा दुकान का संचालन भी किया जा रहा था। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की शिकायत पर बहादुरगंज थाना में कांड संख्या 450/26 दर्ज किया गया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी अधिनियम, 1971 तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

गुरुवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बिना पंजीकरण अथवा बिना चिकित्सकीय योग्यता के स्वास्थ्य सेवाएं देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने लोगों से केवल पंजीकृत चिकित्सकों और अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों से ही इलाज कराने की अपील की है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह