जीविका के पशु स्वास्थ्य शिविर में 350 से अधिक पशुओं को मिला निःशुल्क उपचार
नालंदा, बिहारशरीफ 29 अक्टूबर (हि.स.)।ग्रामीण पशुपालकों को बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से जीविका, हिलसा के तत्वावधान में आज गुरुवार को कावा पंचायत के बड़ी घोसी गांव में एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। काली स्थान के पास स्थित मैदान में आयोजित इस शिविर में 230 परिवारों के 350 से अधिक पशुओं को लाभ मिला।
शिविर में पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं का वितरण तथा आवश्यक उपचार किया गया।शिविर में पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने पशुओं के स्वास्थ्य की जांच कराई। पशु चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से पशुओं को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। साथ ही, पशुओं को स्वस्थ रखने, बीमारियों से बचाव करने तथा नियमित देखभाल के महत्व के प्रति पशुपालकों को जागरूक किया गया।
पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने में टीकाकरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, वहीं कृमिनाशक दवाओं के उपयोग से पशुओं को आंतरिक परजीवियों से बचाने में मदद मिलती है। इन सेवाओं को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने से पशुपालकों को आर्थिक राहत मिली और उन्हें अपने पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने का अवसर प्राप्त हुआ।ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन परिवारों की आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक महत्वपूर्ण आधार है।
पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य उनकी उत्पादकता, दूध उत्पादन तथा पशुपालकों की आय से जुड़ा होता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं का उपयोग, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार पशुधन के संरक्षण एवं ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जीविका की इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों तक आवश्यक पशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और उन्हें जागरूक बनाना है, ताकि वे अपने पशुओं की बेहतर देखभाल कर सकें तथा पशुधन आधारित आजीविका को अधिक सुदृढ़ बना सकें।शिविर में 230 परिवारों के 350 से अधिक पशुओं की सहभागिता और लाभ इस आयोजन की सफलता को दर्शाता है। यह पहल ग्रामीण समुदाय के कल्याण, पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य और पशुपालक परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

