बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत डीएम ने किया छात्राओं के साथ सीधा संवाद
नालंदा, बिहारशरीफ 24 अक्टूबर (हि.स.)।बालिकाओं के सशक्तिकरण, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज में सुरक्षित व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय अभियान ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत जिलाधिकारी उदिता सिंह ने अपने कार्यालय कक्ष में आज शनिवार को डी.पी.रॉय +2 हाई स्कूल, दीपनगर की छात्राओं के साथ एक विस्तृत, खुला और संवादात्मक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना, उन्हें जीवन की विभिन्न चुनौतियों से डटकर मुकाबला करने के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाना, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली से जमीनी स्तर पर अवगत कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं के परिचय और उनकी भविष्य की बड़ी महत्वाकांक्षाओं के साथ हुई। इस संवाद के दौरान डी.पी.रॉय +2 हाई स्कूल की छात्रा करिश्मा कुमारी ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भविष्य में डॉक्टर बनने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की। इसके साथ ही, उसने जिला पदाधिकारी से उनकी अपनी सफलता का राज, प्रशासनिक जीवन की शुरुआत और इस यात्रा में आई कठिनाइयों व उनके समाधान के बारे में विस्तार से जानना चाहा।छात्राओं की जिज्ञासा का समाधान करते हुए महोदया ने बेहद सहज, सरल और प्रेरणादायक भाषा में मार्गदर्शन किया ।आज के दौर में बच्चों और युवाओं में बढ़ते मानसिक दबाव और आत्महत्या जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को जीवन के मूल्य और आत्मबल के बारे में विशेष सीख दी: दबाव या असफलता पर संवाद करें: डीएम ने बहुत संवेदनशील तरीके से समझाया कि कुछ बच्चे किसी असफलता या पारिवारिक/सामाजिक दबाव के कारण गलत कदम (सुसाइड) उठा लेते हैं। ऐसा करने से न केवल उस बच्चे का अनमोल जीवन असमय समाप्त हो जाता है, बल्कि उसका पूरा परिवार जीवन भर के लिए गहरे दुख में डूब जाता है।अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन से साझा करें समस्या: छात्राओं को निर्देश दिया गया कि यदि कभी भी वे किसी मानसिक तनाव, निराशा या दबाव महसूस करें, तो चुप न रहें। अपनी बात तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या प्रशासन से साझा करने की भी अपील की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

