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नालंदा में डीएम ने छात्राओं के साथ किया सीधा संवाद

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नालंदा में  डीएम ने छात्राओं के साथ किया सीधा संवाद


नालंदा, बिहारशरीफ 12 सितंबर (हि.स.)।

नालंदा जिले में‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत नालंदा की जिलाधिकारी ने आज शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में कन्या मध्य विद्यालय (छोटी पहाड़ी)की छात्राओं के साथ एक प्रेरक और संवादात्मक बैठक की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जोड़ने, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।संवाद के मुख्य बिंदु और प्रशासनिक सीखआत्मविश्वास और महत्वाकांक्षाएं: कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं के परिचय और उनकी भविष्य की महत्वाकांक्षाओं के साथ हुई।

डीएम ने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ने और जीवन में ऊंचे लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं को साइबर सिक्योरिटी (ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव), नशा मुक्ति के लाभ तथाशोषण एवं कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने के तौर-तरीके विस्तृत रूप से समझाए गए। साथ हीं साथ छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए जिलाधिकारी ने जिला प्रोग्राम कार्यालय आई.सी.सी.सी. और जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय का एक्सपोजर विजिट कराने का विशेष निर्देश दिया है।एक्सपोजर विजिट के साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञानछात्राओं ने प्रशासनिक व्यवस्था को नजदीक से समझने के लिए प्रशासनिक कार्यालयों का भी भ्रमण किया यहाँ छात्राओं को शहर की अत्याधुनिक सुरक्षा और डिजिटल निगरानी प्रणाली से अवगत कराया गया। उन्हें दिखाया गया कि कैसे 491 कैमरों के जरिए शहर पर नजर रखी जाती है, 15 प्रमुख क्षेत्रों में 'पब्लिक एड्रेसल सिस्टम' से आपातकालीन घोषणाएं होती हैं, और 10 स्थानों पर लगे 'इमरजेंसी कॉल बॉक्स' के जरिए एक बटन दबाकर तुरंत मदद मिल सकती है।जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय: छात्राओं को इस पारदर्शी मंच की कार्यप्रणाली समझाई गई जहाँ नागरिक अपनी समस्याओं का समाधान पाते हैं। इसे सरल शब्दों में समझाया गया कि—जैसे जब नागरिकों को बिजली, पानी, सड़क या छात्रवृत्ति जैसी सरकारी सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर नहीं मिलता, तो वे यहाँ आवेदन देकर 60 कार्य दिवसों के भीतर न्यायसंगत समाधान प्राप्त करते हैं।वहीं दूसरी ओर जिला प्रोग्राम कार्यालय में वर्तमान में चल रहे 'राष्ट्रीय पोषण माह' (9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026) के संदर्भ में छात्राओं को उनके बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित आहार और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सीख दी गई। उन्हें बताया गया किशोरावस्था में पोषण कितना महत्वपूर्ण है, आयरन एब्म आयोडीन नमक का सेवन करने के लिए दिया गया सलाह । साथ ही शारीरिक और मानसिक विकास हेतु पोषण युक्त भोजन की जानकारी दी गई |

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे