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प्रभारी बीईओ के बीआरसी में नहीं बैठने से शिक्षकों की बढ़ी परेशानी

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नालंदा, बिहारशरीफ 07 सितंबर (हि.स.)।परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, नालंदा की जिला कार्य समिति की बैठक सोमवार को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष रौशन कुमार ने की। बैठक में शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, विभागीय कार्यों में आ रही परेशानियों और लंबित मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा प्रभार वाले प्रखंडों में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) के बीआरसी में नियमित रूप से नहीं बैठने का रहा।

संघ के सदस्यों ने कहा कि जिले के 20 प्रखंडों में से सात प्रखंडों में शिक्षा विभाग के डीपीओ तथा सात प्रखंडों में प्रखंड स्तर के प्रखंड प्रसार पदाधिकारियों को बीईओ का प्रभार दिया गया है। संघ का आरोप है कि प्रभार वाले इन प्रखंडों के बीआरसी में संबंधित पदाधिकारी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते हैं। इससे शिक्षकों को अपने विभागीय कार्यों के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षकों ने बताया कि सेवा पुस्तिका का अद्यतन कराने, बकाया वेतन से संबंधित प्री-रिसीट या बिल विपत्र भेजने, अवकाश की स्वीकृति, योग्यता विस्तार की अनुमति सहित कई आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें संबंधित पदाधिकारी से मिलना पड़ता है। लेकिन बीआरसी में पदाधिकारी के उपलब्ध नहीं रहने के कारण शिक्षक बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर होते है।

संघ के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि पदाधिकारी से सीधे मुलाकात नहीं होने के कारण कई शिक्षकों को अपने कार्यों के लिए बिचौलियों या दलालों का सहारा लेना पड़ता है। इससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। संघ ने मांग की कि प्रभार वाले सभी प्रखंडों के बीआरसी में संबंधित पदाधिकारी के बैठने के लिए निश्चित दिन और समय निर्धारित किया जाए, ताकि शिक्षक बिना अनावश्यक भागदौड़ के अपने विभागीय कार्यों का निष्पादन करा सकें।

जिला अध्यक्ष रौशन कुमार ने कहा कि संघ जल्द ही जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र से मिलकर इस समस्या को उनके समक्ष रखेगा और प्रभार वाले प्रखंडों में संबंधित पदाधिकारियों के बीआरसी में बैठने के लिए तिथि एवं समय निर्धारित कराने की मांग करेगा।

उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो संघ की ओर से जिलाधिकारी से भी मिलकर पूरे मामले की शिकायत की जाप्रोन्नति और वेतन संबंधी समस्याओं पर बैठक में शिक्षकों की कालबद्ध प्रोन्नति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ के अनुसार, नियोजित शिक्षकों में आठ वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के साथ-साथ विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक एवं प्रधान शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति का लाभ दिया जाना चाहिए।

इसके अलावा नियोजित शिक्षकों के वेतन से ईपीएफ की राशि की कटौती किए जाने के बावजूद कई महीनों की राशि शिक्षकों के ईपीएफ खाते में जमा नहीं होने का मामला भी बैठक में उठाया गया। संघ ने इस संबंध में भी विभाग से आवश्यक कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रधान शिक्षकों को एक वर्ष बीत जाने के बाद भी वेतन संरक्षण का लाभ नहीं मिलना गंभीर मामला है। इसके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर पहल किए जाने की जरूरत है।बैठक में बीपीएससी से बहाल टीआरई -1 एवं टीआरई -2 शिक्षकों के वार्षिक वेतन वृद्धि की अंतर राशि का भुगतान लंबित रहने पर भी चर्चा हुई। संघ ने संबंधित शिक्षकों को बकाया अंतर राशि का भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे