न्यायालय ने बच्ची से दुष्कर्म मामले में सुनाया 20 साल का सश्रम कारावास
मधेपुरा, 26 फ़रवरी (हि.स.)। मधेपुरा में चार साल पुराने दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट ने एक दोषी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दरअसल, यह मामला उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 11 फरवरी 2023 की शाम करीब 5.30 बजे पीड़िता अपनी छोटी बहन और अन्य बच्चों के साथ गांव के ही मिडिल स्कूल के पास खेल रही थी। इसी दौरान गांव का ही रहने वाला 60 वर्षीय दिनेश यादव उर्फ दीनाभद्री यादव वहां पहुंचा। आरोपित ने मासूम को बहला-फुसलाकर स्कूल के पीछे एक सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। घटना के बाद जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची स्कूल के पीछे बेसुध और मरणासन्न स्थिति में पड़ी मिली।
होश में आने पर मासूम बच्ची ने अपनी मां को बताया कि दीनाभद्री बाबा ने उसके साथ गलत काम किया है। इतना ही नहीं, अपनी करतूत को छिपाने के लिए आरोपित ने बच्ची को 10 रुपये देकर चुप रहने और किसी को न बताने का लालच भी दिया था। बच्ची इस घटना के बाद बेहोश हो गई थी। परिजन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बच्ची का इलाज कराया, जिसके बाद मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद एडीजे-6 अमित कुमार पांडेय की अदालत ने दिनेश यादव को दोषी करार दिया। स्पेशल पीपी
विजय कुमार मेहता ने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराध समाज के लिए कलंक हैं। इसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
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हिन्दुस्थान समाचार / Prashant Kumar

