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सुरक्षित मातृत्व की दिशा में किशनगंज की पहल, 14,095 संस्थागत प्रसव दर्ज

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सुरक्षित मातृत्व की दिशा में किशनगंज की पहल, 14,095 संस्थागत प्रसव दर्ज


किशनगंज, 25 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रसव पूर्व जांच, एनीमिया की पहचान, पोषण सहायता और संस्थागत प्रसव पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, एक अप्रैल से अब तक जिले में 36,071 नई गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच के लिए पंजीकरण किया गया है। वहीं, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 14,095 संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। इनमें 105 सिजेरियन प्रसव शामिल हैं।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम के अनुसार, पंजीकृत महिलाओं में 24,972 का पंजीकरण गर्भावस्था की पहली तिमाही में ही किया गया। इस अवधि में 37,676 गर्भवती महिलाओं ने चार या उससे अधिक प्रसव पूर्व जांच कराई। वहीं, 44,312 महिलाओं का चार या उससे अधिक बार हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया, ताकि खून की कमी की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

पोषण सहायता के तहत 37,426 महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड की 180 गोलियां और 37,136 महिलाओं को कैल्शियम की 360 गोलियां उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान मां और शिशु को होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। सदर अस्पताल सहित जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव और जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की निगरानी पर ध्यान दिया जा रहा है।

रविवार को सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि समय पर पंजीकरण, नियमित जांच, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और संस्थागत प्रसव स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के माध्यम से गांव-गांव में जागरूकता बढ़ाई जा रही है।

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने भी ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने महिलाओं से अपील की है कि गर्भावस्था का पता चलते ही पंजीकरण कराएं, नियमित जांच करवाएं और प्रसव के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को प्राथमिकता दें।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह