सुपौल में इंजीनियरिंग कॉलेज मार्ग पर जलजमाव से बढ़ी मुश्किलें, नाला निर्माण की उठी मांग
सुपौल, 05 अगस्त (हि.स.)। जिला मुख्यालय स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज तथा आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर जलजमाव अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। बारिश होने के साथ ही सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे आवागमन प्रभावित हो जाता है। प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के दोनों किनारों पर पक्के नाले का निर्माण नहीं होने के कारण वर्षा का पानी सड़क पर ही जमा रहता है। कई दिनों तक पानी नहीं निकलने से सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है तथा लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ता है। इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को रोजाना इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। जलभराव के बीच दोपहिया वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है और फिसलकर दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। वहीं पैदल चलने वाले लोगों को भी गंदे पानी से होकर गुजरने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। सड़क पर बने गड्ढे पानी में छिप जाने से हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। जलजमाव की समस्या को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने संज्ञान लेने की बात कही है। नगर परिषद की स्वच्छता पर्यवेक्षक शालू सिंह ने बताया कि समस्या की जानकारी प्राप्त हुई है और जल्द ही नाले के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों को जलजमाव से राहत मिल सके।इधर स्थानीय नागरिकों और छात्र-छात्राओं ने नगर परिषद से मांग की है कि केवल आश्वासन तक सीमित रहने के बजाय शीघ्र नाला निर्माण का कार्य शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि मानसून के दौरान हर वर्ष होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

