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जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा पूर्णिया, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भव्य रथयात्रा

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जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा पूर्णिया, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भव्य रथयात्रा


जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा पूर्णिया, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भव्य रथयात्रा


पूर्णिया, 16 जुलाई (हि.स.)। भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी की पावन परंपरा की तर्ज पर पूर्णिया में भी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई।

पूर्णिया सिटी स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर से निकली इस रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। बताया गया कि पूर्णिया में करीब 400 वर्षों से यह धार्मिक परंपरा अनवरत चली आ रही है।

रथयात्रा के दौरान पूरा वातावरण “जय जगन्नाथ”, “जय बलभद्र” और “जय सुभद्रा” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।

फूलों और आकर्षक वस्त्रों से सुसज्जित विशाल रथ पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की मनमोहक प्रतिमाएं विराजमान थीं। मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती के बाद रथयात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई।

श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया तथा भक्तों के बीच प्रसाद और शीतल पेयजल का वितरण किया गया।

इस पावन अवसर पर बिहार सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह, विधान पार्षद अनिल ठाकुर, महापौर विभा कुमारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल हुए। मंत्री, विधायक एवं अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर सेवा और समर्पण का संदेश दिया। मान्यता है कि भगवान के रथ की रस्सी खींचने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि पूर्णिया की यह रथयात्रा करीब 400 वर्षों से निकलती आ रही है और जिले की गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की कि उनकी कृपा पूर्णिया सहित समस्त बिहारवासियों पर बनी रहे और प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि आए। कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह ने इसे ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी रथयात्रा बताते हुए कहा कि ऐसी परंपराएं समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव को मजबूत करती हैं।

भगवान जगन्नाथ मंदिर के पुजारी आशुतोष ने बताया कि पूर्णिया सिटी का यह मंदिर अत्यंत प्राचीन और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जगन्नाथ पुरी की परंपरा के अनुरूप यहां भी प्रत्येक वर्ष भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकाली जाती है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ भक्तों के पालनहार हैं और सच्चे मन से उनकी आराधना करने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / नंदकिशोर सिंह