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उर्वरक कंपनियों की मनमानी एवं विक्रेताओं के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं होगा: विजय कुमार सिन्हा

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उर्वरक कंपनियों की मनमानी एवं विक्रेताओं के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं होगा: विजय कुमार सिन्हा


पटना, 07 नवंबर (हि.स.)। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में उर्वरक वितरण व्यवस्था में कुछ कंपनियों द्वारा कथित तौर पर अपनाई जा रही भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

शनिवार काे कुछ उर्वरक विक्रेताओं ने कृषि मंत्री से मिलकर शिकायत की कि कुछ उर्वरक कंपनियां उर्वरक के साथ अन्य उत्पादो के साथ टैगिंग का विरोध करने वाले उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरक देने से मना कर रहें हैं तथा चुनिंदा विक्रेताओं को ही फॉर्म-O निर्गत कर रही हैं तथा उन्हीं विक्रेताओं को प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध करा रही हैं। इसके कारण जिलों में उर्वरक वितरण का असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। कुछ विक्रेताओं के पास आवश्यकता से अधिक उर्वरक उपलब्ध है, जबकि अन्य विक्रेताओं को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। इससे किसानों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

शिकायतकर्ताओं ने कंपनी के इस भेदभावपूर्ण व्यवहार से क्षुब्ध होकर अपना उर्वरक अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) तक सरेंडर करने की बात कही।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल को पूरे प्रकरण की समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मंत्री के निर्देश के आलोक में संबंधित कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक को विभाग में बुलाकर मंत्री के समक्ष बैठक की गई तथा त्वरित पहल करते हुए संबंधित उर्वरक कंपनी से संपर्क कर आवश्यक निर्देश दिया। इसके परिणाम स्वरूप संबंधित कंपनी ने तत्काल शिकायतकर्ता उर्वरक विक्रेता को फॉर्म-O निर्गत किया तथा खगड़िया रेक पॉइंट से उर्वरक उपलब्ध कराने की सहमति दी। इस प्रकार शिकायतकर्ता की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया।

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और कृषि विभाग उर्वरक कंपनियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं। कंपनियों से भी अपेक्षा है कि वे बिहार के किसानों और उर्वरक विक्रेताओं के हितों का पूरा ध्यान रखते हुए राज्य के साथ सहयोग करें। छठ पर्व के बाद उर्वरक कंपनियों की कार्यप्रणाली, फॉर्म-O निर्गमन, उर्वरक आवंटन एवं जिला स्तर पर वितरण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी।

विजय सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कोई भी कंपनी यदि जानबूझकर बिहार के किसानों अथवा उर्वरक विक्रेताओं को परेशान करती है या उर्वरक वितरण में भेदभावपूर्ण नीति अपनाती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के सुसंगत प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी