श्रमिकों के लंबित वेतन 20 जून तक जारी करने की मांग
इटानगर, 04 जून (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश ट्रेड यूनियन फेडरेशन (एपीटीयूएफ) और अखिल अरुणाचल प्रदेश वर्कर्स यूनियन (आपडब्ल्यूयू) ने गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम देते हुए 20 जून तक आकस्मिक/अस्थायी श्रमिकों के लंबित वेतन जारी करने की मांग की।
संगठनों ने बताया कि राज्य भर में लगभग 30,000 आकस्मिक श्रमिक पिछले 6-7 महीनों से अपने वेतन का इंतजार कर रहे हैं और सरकार से निर्धारित समय सीमा के भीतर इस मुद्दे को हल करने का आग्रह किया। एपीटीयूएफ के महासचिव केनकर योमचा ने आज यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उपरोक्त बातें कही।
संगठनों ने वित्त आयुक्त के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के तहत आकस्मिक श्रमिकों के वेतन का भुगतान कथित तौर पर रोक दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के फैसले से गरीब और निर्दोष श्रमिकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा जो पूरी तरह से अपनी दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि, “यदि सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत संख्या से अधिक आकस्मिक कर्मचारियों की नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति की गई है, तो यह श्रमिकों की जिम्मेदारी नहीं है।” उन्होंने कहा कि राज्य के श्रमिक समुदाय पर वित्तीय बोझ डालना बिल्कुल अस्वीकार्य और अनुचित है।
लंबे समय से हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 20 जून तक लंबित वेतन जारी नहीं किए गए, तो वे राजधानी परिसर में “पानी और बिजली की आपूर्ति बंद” आंदोलन का सहारा लेंगे।
उन्होंने कहा कि वेतन न मिलने के कारण श्रमिकों को गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से मामले को सुलझाने और विरोध प्रदर्शन को और बढ़ने से रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया।
इस घटनाक्रम से सरकार पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि पानी और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की रुकावट राजधानी क्षेत्र के निवासियों को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

