राज्यपाल ने संगकेन पर्व की दी शुभकामनाएं
इटानगर, 13 अप्रैल (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक ने संगकेन पर्व के शुभ अवसर पर राज्य की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पवित्र पर्व सभी को भगवान बुद्ध द्वारा दिखाए गए करुणा, शांति और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि संगकेन को गहरी श्रद्धा और जीवंत परंपरा के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर, भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं को विधिपूर्वक मंदिर से बाहर निकाला जाता है, उन्हें स्नान कराया जाता है और ढोल और झांझ की लयबद्ध ध्वनियों के बीच 'क्योंगफ्रा' में स्थापित किया जाता है।
श्रद्धालु मंदिरों में एकत्रित होकर प्रार्थना, मिठाई और भोजन अर्पित करते हैं और उसके बाद एक-दूसरे पर धीरे से जल छिड़ककर सद्भावना का आदान-प्रदान करते हैं, जो शुद्धिकरण, नवीनीकरण और नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक है। बोधि वृक्ष सहित पवित्र वस्तुओं पर श्रद्धापूर्वक जल चढ़ाया जाता है और भिक्षुओं के हाथों पर भी जल चढ़ाया जाता है, ताकि पूरे वर्ष अच्छे स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त हो सके।
राज्यपाल ने इस मौके पर कहा कि यह त्योहार क्षमा और एकता की भावना का प्रतीक है। लोग अतीत के मनमुटाव को भुलाकर समूहों में एकत्रित होते हैं, गांवों के मंदिरों में दर्शन करते हैं और एकता और आनंद की भावना से उत्सव मनाते हैं। यह सुंदर परंपरा संगकेन के सार को दर्शाती है, जो सभी के बीच सद्भाव, करुणा और आपसी सम्मान को बढ़ावा देती है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि इस शुभ अवसर पर मैं अपने ताई खमती और सिंगफो भाइयों के साथ सार्वभौमिक शांति, सुख और सद्भाव के लिए प्रार्थना करता हूं।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

