home page

मणिपुर–मिजोरम संपर्क बाधित, एनएच-102बी पर बेली ब्रिज ध्वस्त

 | 
मणिपुर–मिजोरम संपर्क बाधित, एनएच-102बी पर बेली ब्रिज ध्वस्त


चुराचांदपुर (मणिपुर), 01 मई (हि.स.)। मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के थानलोन थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंजावल गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-102बी (गुइटे रोड) पर स्थित एक बेली ब्रिज गुरुवार देर रात ढह गया, जिससे मणिपुर और मिजोरम के बीच महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बाधित हो गया।

टुइवाई नदी पर खुआंगगिन और सिंजावल गांवों के बीच बना यह पुल 30 अप्रैल की रात करीब 10 बजे उस समय धराशायी हो गया, जब दो ट्रक एक साथ इसे पार करने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

यह पुल दक्षिणी मणिपुर के कूकी-जोमी-ह्मार समुदाय के लिए एक अहम जीवनरेखा के रूप में कार्य करता था, विशेषकर चुराचांदपुर और फेरजावल जिलों के निवासियों के लिए, जो इसी मार्ग से मिजोरम से जुड़े रहते थे।

3 मई 2023 को शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से मणिपुर के कई पहाड़ी जिले इंफाल घाटी से लगभग कटे हुए हैं, जिसके कारण मणिपुर–मिजोरम मार्ग आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया था।

सिंजावल का यह बेली ब्रिज ढहने के बाद अब राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (टिपाईमुख रोड) पर स्थित टुइवाई “यूनिटी ब्रिज” ही प्रभावित क्षेत्रों के लिए एकमात्र वैकल्पिक संपर्क मार्ग बचा है। 200 फीट लंबा यह पुल 22 फरवरी, 2025 को मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा द्वारा उद्घाटित किया गया था, जो मिजोरम के सैरांग को मणिपुर के टिपाईमुख से जोड़ता है।

हालांकि, सुरक्षा कारणों के चलते यूनिटी ब्रिज पर भारी वाहनों के आवागमन पर पहले से ही प्रतिबंध लागू है। ऐसे में बेली ब्रिज के ध्वस्त होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और यात्री परिवहन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने इस घटना पर चिंता जताई है, क्योंकि यह पुल दोनों राज्यों के बीच व्यापार, परिवहन और संपर्क का प्रमुख माध्यम था।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश