नशे के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का तामुलपुर जिला प्रशासन का आह्वान
-शैक्षणिक संस्थानों के आसपास शराब, गुटखा और सिगरेट की बिक्री पर रोक लगाने पर जोर
तामुलपुर (असम), 29 अगस्त (हि.स.)। तामुलपुर जिले में नशीले पदार्थों के अवैध इस्तेमाल, तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने पर जोर दिया है। इस संबंध में शनिवार को जिला आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में जिला आयुक्त सिमी करण की अध्यक्षता में नार्कोटिक्स कंट्रोल से संबंधित जिला स्तरीय समिति की अगस्त माह की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों, अवैध तस्करी पर रोक, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री तथा विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान स्कूलों और धार्मिक स्थलों से 100 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों की मौजूदगी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही, कुछ स्थानों पर पहले से संचालित शराब की दुकानों के समीप शैक्षणिक संस्थानों को स्थानांतरित किए जाने के मामलों पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
तामुलपुर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आसपास गुटखा, सिगरेट आदि की बिक्री की शिकायतों पर भी बैठक में चर्चा हुई। जिला आयुक्त सिमी करण ने शिक्षण संस्थानों के आसपास ऐसे उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई करने का आह्वान किया।
बैठक में कुमारीकाटा, नाओकाटा और काउरबाहा सहित कुछ क्षेत्रों की फार्मेसियों में खाली सिरिंज की बिक्री के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। नशे के आदी लोगों द्वारा इनके संभावित दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
कृषि विभाग की ओर से बताया गया कि जिले के 30 गांवों में अभियान चलाकर भांग, पोपी आदि नशीले पौधों की खेती की जांच की गई, लेकिन अभियान के दौरान ऐसी खेती का कोई मामला सामने नहीं आया।
वहीं, एसएसबी के सहयोग से वन विभाग द्वारा नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है। जिले के रास्ते नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बैठक में ‘आशा भवन’ के पंजीकरण सहित अन्य संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त जिला आयुक्त डॉ. दीपांकर नाथ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निर्मल घोष सहित वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आबकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

