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तामुलपुर में मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए जिला प्रशासन की पहल

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तामुलपुर (असम), 19 सितम्बर (हि.स.)। मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को रोकने तथा लोगों और जंगली हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तामुलपुर जिला प्रशासन ने व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। “सुरक्षित तामुलपुर के लिए आइए, सह-अस्तित्व कायम करें” संदेश के माध्यम से लोगों से हाथियों के आवास और उनके आवागमन वाले कॉरिडोर को सुरक्षित रखने तथा संभावित विद्युत हादसों को रोकने के लिए सतर्क रहने की अपील की गई है।

जिला प्रशासन ने लोगों से वन क्षेत्र अथवा हाथियों के आवागमन वाले कॉरिडोर में शिकार, लकड़ी संग्रह या मवेशी चराने के लिए प्रवेश नहीं करने तथा हाथियों को उकसाने, खदेड़ने या परेशान नहीं करने की अपील की है। विशेषकर रात, तड़के और शाम के समय हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचने और संभव हो तो समूह में आवागमन करने की सलाह दी गई है। हाथियों की तस्वीर या वीडियो बनाने के लिए उनके करीब नहीं जाने की भी चेतावनी दी गई है।

प्रशासन ने हाथियों की मौजूदगी के दौरान आग, तेज रोशनी या शोर का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने तथा पटाखे, तेज संगीत या अन्य माध्यमों से हाथियों को डराकर भगाने का प्रयास नहीं करने को कहा है।

हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में बिजली के तार, खंभे, ट्रांसफॉर्मर तथा अन्य संभावित विद्युत जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर तत्काल सुरक्षा उपाय करने पर भी जोर दिया गया है। कुमारिकाटा रेंज में अधिक सक्रिय एवं वैज्ञानिक निगरानी व्यवस्था विकसित करने तथा हाथियों के आवागमन वाले मार्गों पर मौजूद खतरनाक विद्युत कनेक्शनों की नियमित जांच करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है।

जिला प्रशासन ने हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में अवैध विद्युत फेंसिंग, खुले बिजली के तार अथवा खतरनाक विद्युत कनेक्शन लगाने या इस्तेमाल करने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। प्रशासन के अनुसार, ऐसी व्यवस्था हाथियों के साथ-साथ मानव जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है और इस प्रकार की गतिविधियां कानूनन दंडनीय हैं।

किसी हाथी के घायल या मृत पाए जाने की स्थिति में लोगों से भीड़ नहीं लगाने, शव को नहीं छूने तथा किसी संदिग्ध जानकारी की स्वयं जांच करने के बजाय वन विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई है। मृत हाथियों के मामले में पोस्टमार्टम, फोरेंसिक नमूने के संग्रह और मृत्यु के कारणों से संबंधित पारदर्शी रिपोर्ट सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

जिला प्रशासन ने कहा कि लोगों की सतर्कता, समय पर सूचना और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से मानव-हाथी संघर्ष से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने तथा मनुष्यों और जंगली हाथियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही हाथियों के आवास, वन क्षेत्रों और हाथी कॉरिडोर के संरक्षण में स्थानीय लोगों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई है।

आपातकालीन सहायता के लिए लोगों से तामुलपुर जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 93878 93394 पर संपर्क करने की अपील की गयी है।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा